जम्मू। देश के अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर से मानसून की विदाई हो गई है। इस साल प्रदेश में सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश हुई है। जम्मू जिले में 33 फीसदी कमी के साथ 571.9 मिलीमीटर और श्रीनगर में सामान्य से 27 फीसदी ज्यादा 223.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रदेश में यह पैमाना सर्वाधिक रहा।
पिछले तीन हफ्तों से प्रदेश में बादल नहीं बरसे। प्रदेश के बीस जिलों में से आठ में सामान्य से कम और आठ में सामान्य बारिश हुई है। तीन जिलों में 60 फीसदी तक कम और श्रीनगर व गांदरबल में अधिक बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार जम्मू-कश्मीर में गत 10-12 सितंबर को ही मानसून थम गया था। इसके बाद मानसून सक्रिय नहीं हुआ। मानसून ने इस साल 23 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर मानसून की समाप्ति की घोषणा नहीं की गई है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के साथ जम्मू-कश्मीर में सामान्य से कम बारिश हुई है और लद्दाख में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। इस साल दस सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में ओवरआल 23 फीसदी की कमी के साथ सामान्य 489.1 की तुलना में 374.9 मिलीमीटर बारिश हुई। इसी तरह गांदरबल में सामान्य से 16 फीसदी अधिक 277.1 और रामबन में सामान्य से 13 फीसदी अधिक 389.3 मिलीमीटर बारिश हुई है।
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शोपियां, बांदीपोरा और किश्तवाड़ में 60 फीसदी से कम बारिश
जम्मू। प्रदेश के शोपियां, बांदीपोरा और किश्तवाड़ जिलों में सामान्य से 60 फीसदी कम बारिश हुई है। शोपियां में सामान्य से 75 फीसदी कम 58 मिलीमीटर, किश्तवाड़ में सामान्य से 60 फीसदी कम 145.0 और बांदीपोरा में सामान्य से 60 फीसदी कम 57.5 मिलीमीटर बारिश हुई है।