जम्मू में हाल के मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियों ने गैंग से जुड़े लोगों तथा नशा तस्करों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किए। जांच में इनके संपर्क सीमा पार बैठे लोगों से होने की जानकारी सामने आई है। एजेंसियां अब हथियारों की बरामदगी को केवल स्थानीय अपराध की घटना के तौर पर नहीं देख रही हैं, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं।
पुलिस के अनुसार सीमा पार बैठे हैंडलर युवाओं और कम उम्र के लड़कों को भी इस नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। नाबालिगों को छोटी रकम का लालच देकर हथियार या नशे की खेप पहुंचाने जैसे काम में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पुलिस अब ऐसे युवाओं की पहचान और उनके ऑनलाइन संपर्कों की भी जांच कर रही है।
साइबर पेट्रोलिंग से सोशल मीडिया पर नजर
पुलिस ने गैंगस्टरों और सीमा पार बैठे लोगों के बीच सोशल मीडिया के जरिए होने वाले संपर्कों पर निगरानी बढ़ा दी है। संदिग्ध अकाउंट, ऑनलाइन बातचीत और युवाओं को गैंग से जोड़ने की कोशिशों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए पुलिस का मीडिया सेल और साइबर टीम लगातार सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस ने जो हथियार और ड्रग्स बरामद किए हैं, उनके लिंक क्रॉस बॉर्डर से मिल रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गैंग से जोड़ने की कोशिश हो रही हैं। पुलिस की साइबर पेट्रोलिंग इस पर नजर रख रही है। पाकिस्तान की युवाओं को इस नेटवर्क में जोड़ने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने देंगे। -जोगिंद्र सिंह, एसएसपी जम्मू