जल स्रोत सिकुड़ने के कारण
- झीलों के किनारों का खेती के लिए उपयोग से सिल्ट की मात्रा बढ़ी
- सीवेज तथा घरेलू कचरे के निस्तारण पर किसी तरह की रोक नहीं
- कैचमेंट इलाके में कीटनाशकों और खेती के लिए केमिकल का प्रयोग
जिलावार जल स्रोत एक नजर में
जम्मू 15, अनंतनाग 98, बारामुला 124, बडगाम 33, कुपवाड़ा 66, पुलवामा 20, श्रीनगर 74, डोडा 88, पुंछ 22, राजोरी 5, उधमपुर 19, कारगिल 144 और लेह 521
मौसम में आए बदलाव से जम्मू-कश्मीर में तापमान सामान्य से डेढ़ डिग्री अधिक हो गया है। यह स्थिति खतरनाक है। आईडीसीसी की रिपोर्ट में 2030 में डेढ़ डिग्री तापमान बढ़ने की बात की गई है लेकिन यहां एक दशक पहले ही भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है।
- डॉ. माजिद फारूक, वैज्ञानिक, पर्यावरण व रिमोट सेंसिंग विभाग, जेएंडके