- गुज्जर नगर, पीरखो और राजीव काॅलोनी में दिक्कत, गलियों में लगे गंदगी के ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर में 26 अगस्त को भारी बारिश और बाढ़ के बाद कई इलाकों में लोगों की परेशानियां कम नहीं हुईं हैं। आपदा के बीस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सामान्य जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। कुछ बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग अभी भी बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं। गुज्जर नगर, पीरखो और राजीव कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में लोग बिजली और पानी की किल्लत झेल रहे हैं। राजीव कॉलोनी के विकास का कहना कि बीस दिन बाद भी इलाके के लोग पानी के टैंकर पर निर्भर हैं। घरों तक पर्याप्त पानी न पहुंचने के कारण सफाई नहीं हो पा रही है। आफिजा का कहना है कि टैंकर के सहारे कब तक रहेंगे। दिन में कितनी बार पानी भरने जाएं। स्कूल भी खुल चुके हैं। कैसे रोजमर्रा के काम करें। सुबह से लेकर शाम तक बस दो ही काम बचे हैं घर से मलबा बाहर फेंको यां तो टैंकर से पानी भर कर लाओ।
गुज्जर नगर निवासी नियाज का कहना है कि पानी की आपूर्ति तो बहाल कर दी गई है, लेकिन बिजली के बिना काफी मुश्किल हो रही है। हम लोग शाम होते ही रिश्तेदार या जानने वालों के घर चले जाते हैं। अभी तक गलियों में मलबे का ढेर लग हुआ है। इससे बीमारी फैलने का डर है। हालात बदतर होते जा रहे हैं। शौकत ने बताया कि बाढ़ के दौरान बिजली ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। खंभे उखड़ गए हैं। इन्हें दोबारा सुचारु करना विभाग की जिम्मेदारी है। पीरखो के रहने वाले अमित का कहना है कि इलाके में कहीं सड़क धंसी हुई है तो कहीं भूस्खलन से मलबे के ढेर लगे हैं। ऐसा लगने लगा है कि इलाका शहर से मानों कट सा गया हो। पानी के टैंकर हैं तो पानी मिल पाता है। सफाई भी बहुत धीमी गति से हो रही है। राजू का कहना है कि इस मौसम में डेंगू सहित अन्य बीमारी फैलने का खतरा रहता है। समझ नहीं आ रहा कि कब तक और कैसे जिंदगी पहले की तरह पटरी पर लौटेगी।