-शहर में पानी की किल्लत, रोज 12 लाख गैलन की जरूरत, उपलब्ध 5 लाख गैलन
-आठ साल में बसंत दरिया पर बने प्लांट को शुरू नहीं करवा पाया जल शक्ति विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे में पानी की किल्लत दूर करने के लिए बसंतर दरिया पर बना फिल्ट्रेशन प्लांट आठ साल में भी शुरू नहीं हो सका है। जल शक्ति विभाग का मार्च तक इनटेक टैंक बनाने का दावा था, लेकिन काम ही शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि, टेंडर अलॉट कर दिया गया है। विभाग के अनुसार ठेकेदार काम शुरू नहीं कर रहा है।
पूर्व पार्षद राज सिंह, अजय सिंह, दुकानदार कमल किशोर, नीलम सिंह ने बताया कि पानी की आपूर्ति के लिए बसंतर दरिया पर फिल्ट्रेशन प्लांट की इमारत आठ वर्ष से तैयार है, लेकिन मशीनरी के लिए किसी अधिकारी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब तो इमारत भी खंडहर बनती जा रही है। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही से काम काम अधर में लटका है। इसके चलते कस्बे के लोगों को आज भी दो से तीन दिन बाद पानी की आपूर्ति की जा रही है।
लोगों का कहना है कि आगामी दिनों में गर्मी बढ़ने से पानी जरूरत बढ़ेगी। ऐसे में पहले पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों की दिक्कत और बढ़ेगी। इसे लेकर कई बार जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को बात कर चुके हैं। लेकिन किसी ने समस्या पर गंभीरता नहीं दिखाई है। सर्दी के मौसम में ही दो से तीन दिन बाद पानी मिलता रहा है। गर्मी के दिनों में दिक्कत और बढ़ेगी। लोगों ने कहा कि विभाग ने वादा किया था कि मार्च तक इनटेक टैंक का काम बनवा देंगे, काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने एलजी प्रशासन से मांग की कि प्लांट में देरी के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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प्लांट शुरू होने से चार लाख गैलन पानी और होगा उपलब्ध
कस्बे के लोगों को रोजाना 12 लाख गैलन पानी की जरूरत है। जबकि विभाग के पास केवल पांच लाख गैलन पानी उपलब्ध है। ऐसे में यदि फिल्ट्रेशन प्लांट शुरू हो जाए तो चार लाख गैलन पानी और रोजाना उपलब्ध हो सकेगा। इससे लोगों को पानी की किल्लत से काफी हत तक छुटकारा मिल सकेगा, लेकिन विभाग इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है।
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टेंडर हो चुके, अप्रैल में ही शुरू होगा काम
यूटी कॉपेक्स बजट के फंड न मिलने से काम में देरी हुई है। अब फिल्ट्रेशन प्लांट के लिए प्लान एपरूव है। इनटेक टैंक के टेंडर हो चुके हैं। इसी माह ठेकेदार को कहकर टैंक का काम शुरू करवा दिया जाएगा।
फारूक खान, एईई, जल शक्ति विभाग सांबा