शिक्षा व्यवस्था में सुधार और निजी स्कूल प्रबंधनों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए एसआरओ 123 को लागू करने की मांग पर मंगलवार को शहरवासियों ने रहमती इलाके में विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एसआरओ के लागू नहीं किए जाने से आम आदमी हर वर्ष परेशानियों से जूझता है। राज्य सरकार इसे लागू कराने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। दोपहर में शहरवासियों ने समाज सेवक एजाज सुंबरिया के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
इस दौरान रमेश कुमार, अशोक कुमार, नजीर अहमद, सुरजीत सिंह, जमीत राम, हमीद टाक व अन्य शहरवासियों ने कहा कि एसआरओ 123 के लागू नहीं होने से दिन ब दिन निजी स्कूलों की मनमानियां बढ़ती जा रही है। एसआरओ 123 के अनुसार निजी स्कूल विद्यार्थी से केवल एक बार एडमिशन फीस वसूल करेंगे, लेकिन उधमपुर में एक कक्षा पास करने के बाद विद्यार्थी के अगली कक्षा में प्रवेश करने पर निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से मोटी एडमिशन फीस वसूली जाती है।
गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए हर वर्ष एडमिशन फीस देना संभव नहीं है। एसआरओ 123 को लागू करने के बाद ही लोगों को हर वर्ष एडमिशन फीस देने से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को जरूरत के अनुसार सुविधाएं भी प्रदान नहीं की जा रही है।
एजाज सुंबरिया ने कहा कि राइट टू एजूकेशन एक्ट के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मिलनी चाहिए। निजी स्कूल इस सुविधा से भी बच्चों को वंचित रख रहे हैं। कोई भी निजी स्कूल जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए तैयार नहीं है।
राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि एसआरओ 123 को लागू करने के लिए निजी स्कूलों पर दबाव बनाए, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। अभी तक राज्य सरकार ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं। जब तक एसआरओ 123 लागू नहीं हो जाता है आंदोलन इसी तरह से जारी रहेगा।