जम्मू कश्मीर के गृह विभाग की तरफ से जारी किए गए ऑडर जिसमें पर्यटकों और यात्रियों को घाटी जल्द से जल्द छोड़ने की सलाह दी गई है। इसके बाद न केवल बालटल और नुनवन पहलगाम बेस कैंपों में सन्नाटा पसरा हुआ है, बल्कि घाटी के पर्यटन स्थल गुलमर्ग, सोनमर्ग और डल झील से भी रौनक गायब हो गई है।
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गृह विभाग की तरफ से जारी किए गए ऑडर
- फोटो : अमर उजाला
जहां एक ओर यात्री और पर्यटक परेशान और खौफ जदा दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता के चेहरों पर भी परेशानी दिखाई दे रही है। उनका सिर्फ एक ही सवाल है कि आखिर क्या होने वाला है। बता दें कि घाटी में इस समय अफरातफरी मची हुई है। एक ओर पेट्रोल पंपों पर कई किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, लेकिन कुछ पंप ऐसे हैं जहां पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया है।
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गृह विभाग की तरफ से जारी किए गए ऑडर
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किराने और अन्य जरूरत की चीजों की दुकानें खाली पड़ी हैं। यही हाल एटीएम का भी है। कई में पैसा खत्म तो कई के बाहर लंबी कतारें लगी हैं। लोगों में बस एक ही बात है कि अगर कोई ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो उनके पास गुजर बसर करने के लिए कुछ समान तो हो। इस बीच शनिवार को पर्यटकों यात्रियों के अलावा एनआईटी के छात्र भी घाटी को अलविदा करते दिखे।
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गृह विभाग की तरफ से जारी किए गए ऑडर
- फोटो : अमर उजाला
हम शुक्रवार को आए थे, दोपहर से घटनाक्रम देख रहे थे और शनिवार सुबह गेस्ट हाउस के मैनेजर ने हमें होटल खाली कर यहां से निकालने को कहा। हमने कारण पूछा कि क्या मामला है, उन्होंने बताया कि सरकार ने आर्डर निकाला है। अब यह नहीं कहां की ओर जाएं क्योंकि यहां ट्रैकिंग करने का प्लान था। 6 हफ्ते तक कश्मीर और लद्दाख घूमने का प्लान था। -इजराइल से आए पर्यटक
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गृह विभाग की तरफ से जारी किए गए ऑडर
- फोटो : अमर उजाला
नुनवन बेस कैंप से यहां हम दो अगस्त को पहुंचे, दर्शन नहीं किए, यात्रा बंद कर दी गई है। ऑर्डर निकाला है बाद में पता चला, अगर पहले पता चलता तो नहीं आते। प्रशासन को चाहिए था कि जहां से हम निकले वहीं रोक लें, अगर ऐसा कुछ था, श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी हमने पंजीकरण कराया। यात्री लिस्ट में वहां भी रोक सकते थे, लेकिन नहीं किया उसके चलते दिक्कत हो रही है। अब कहां जाएं यहां कोई गाड़ी भी नहीं मिल रही। -ओम पाटिल,
छात्र-छात्राओं को किया जा रहा रवाना
- फोटो : अमर उजाला
महाराष्ट्र से यात्रीबालटल से लौटकर कल ही आए थे, सोनमर्ग से लौटा दिया गया। निराशा है कि बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर पाए। हालात वैसे नहीं लग रहे कि यात्रा स्थगित करने की जरूरत थी। -मोहन लाल
हमें कुछ नहीं पता क्या हो रहा है। केवल कल रात को कहा कि हॉस्टल खाली कर दिया जाए, नए छात्र थोड़ा भयभीत जरूर हैं, अब यह है कि पता नहीं घर कब पहुंच पाएंगे। -एनआईटी छात्रा
रात को 10.30 बजे डीन आए और कहा कि सुबह 7 बजे से पहले हॉस्टल खाली करना है। आज सुबह 6 बजे से हॉस्टल खाली करने की प्रक्रिया चल रही है। हमारे डीन को यह भी नहीं पता, हो क्या रहा है। -उमेर अली, छात्र, एनआईटी