गांव के नंबरदार ने कहा, प्रशासन को मुद्दे का हल करना चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। गांव शेर-ए-चक में रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को तहसीलदार सुचेतगढ़ निर्भय शर्मा से मुलाकात करेगा। वे पटवारी मोहम्मद यूनिस द्वारा बुधवार को गांव में अतिक्रमण वाले रास्ते पर की गई पैमाइश को लेकर आगे की कार्रवाई के बारे में पूछेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी द्वारा की गई पैमाइश को 4 दिन बीत गए हैं। उसके बाद अभी तक आगे की कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर पटवारी को पहले की गई निशानदेही के बारे में भी बताया गया था, और पूरा रिकॉर्ड उनके सामने पेश किया गया था, उसके बाद भी अभी तक रास्ते को लेकर कोई नया फैसला नहीं लिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी पैमाइश की जा चुकी है और निशानदेही भी रास्ते की हो चुकी है। फिर भी अतिक्रमण वाले रास्ते की समस्या वैसी की वैसी ही है। निशानदेही तक मामला चलता है। उसके बाद जब रास्ता बहाल करने की बारी आती है तो प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचते ही नहीं। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को तहसील कार्यालय में तहसीलदार से बातचीत की जाएगी।
गांव के निवासी दर्शन लाल ने बताया कि 7 साल से रास्ता बहाली का झगड़ा बना हुआ है। इस बार प्रशासन को खुद रिकॉर्ड के तौर पर फैसला लेना चाहिए, और जो भी फैसला किया जाएगा, वह लोगों को मान्य होगा। गांव के नंबरदार राम सिंह ने कहा कि पहले भी कई बार रास्ते की पैमाइश हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई आगे कभी नहीं हुई। अब दोनों तहसीलों के अधिकारियों को इकट्ठी निशानदेही कर जो भी रिकॉर्ड में दर्ज हो उसके अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। इससे पहले की गई पैमाइश एसीआर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, गिरदावर, पटवारी और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में की गई थी। इसलिए, इस बार मुद्दे को हल करना तहसील कार्यालय का दायित्व बनता है।