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Jammu News: कटर बटाल का कटा संपर्क, जुगाड़ की नाव लगा रही पार

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- अगस्त में भारी बारिश से टूट गया था तवी नदी पर बना पुल
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- युवा बोले जैसे तवी का चौथा पुल बनाया, वैसे ही इसे बना दें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर से करीब 18-20 किलोमीटर दूर नगरोटा के कटर बटाल इलाके में तवी पर टूट चुके पुल के कारण लोग जान जोखिम में डालकर नदी के इस पार से उस पार जाने को मजबूर हैं। पुल अगस्त में भारी बारिश और बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। लोगों का कहना है कि वर्ष 2014 में आई बाढ़ के दौरान भी इस पुल पर असर पड़ा था। कुछ ध्यान दिया गया होता तो इसको बचाया जा सकता था।
कटर बटाल पुल के पास जुटे स्थानीय युवाओं में गौरव शर्मा कहते हैं कि जब यह पुल टूटा था तब उन्होंने इसका वीडियो वायरल किया था। इसकी लंबाई लगभग 260 मीटर है। 2014 की बाढ़ में ही इसकी सारी रोप टूट गईं थीं। उस वक्त से ही इसे लेकर कई लोगों ने मांग उठाई, कई चिट्ठियां लिखी गईं। टीमें आईं भी लेकिन हुआ कुछ नहीं हुआ। दो दिन पहले भी कुछ लोग आए थे।
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बाबा पैठ देवस्थान को दर्शन के लिए
यहीं से जाते हैं..दर्शनार्थी नहीं आ रहे
अश्विनी शर्मा कहते हैं कि उस पार बाबा पैठ का देवस्थान है। मंगलवार को छोड़कर बाकी दिनों में बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए वहां जाते हैं। इसी पुल से होकर जाते थे, फिलहाल रास्ता बंद है। दर्शनार्थियों के न आने से दुकानें शोपीस बनकर रह गईं हैं। चालक केवल शर्मा कहते हैं कि यहां पर किश्ती चलाते हैं। स्थानीय लोगों से पैसा नहीं लेते हैं। पुल टूटने के कारण कोई आ नहीं रहा, इसलिए कमाने का रास्ता बंद पड़ा है।

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बच्चों का स्कूल जाना बंद, पार जाने
के लिए रस्सी और ट्यूब का सहारा
अश्विनी शर्मा, रिंकू कहते हैं कि पहले स्कूल बंद थे। अब खुले हैं तो पुल टूटने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कुलदीप नदी में तैर रही टायर-ट्यूब पर लकड़ी का तख्ता लगाकर बनाई गई जुगाड़ की नाव दिखाते हुए कहते हैं कि इस तरह से लोग सामान लेकर घरों में पहुंचा रहे हैं। रिंकू ने बताया कि बारिश में टूटे घरों को लोग बना रहे हैं। उसके लिए सीमेंट की बोरी ले जानी हो या फिर मलबा हटाना हो इसी जुगाड़ की नाव का सहारा लेकर जा रहे हैं।
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सभी की मांग...चौथा तवी पुल जैसे बना
उसी तरह कुछ प्रयास यहां हों
गौरव कहते हैं कि हम भी समझते हैं कि पुल तुरंत बना देना संभव नहीं लेकिन जिस तरह से जम्मू के भगवती नगर में या फिर अन्य जगहों पर बैली ब्रिज बना है उसी तरह के प्रयास यहां के लिए भी हो जाएं तो कम से कम लोगों को जान जोखिम में तो नहीं डालनी पड़ेगी।
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