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फारूक अब्दुल्ला का धारा 370 पर बड़ा बयान, बोले-भारत में कश्मीर का विलय भी अस्थायी

Mon, 01 Jul 2019 09:52 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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फारूक अब्दुल्ला - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेंस (नेका) के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने धारा 370 को लेकर बड़ा बयान दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि अगर धारा 370 अस्थायी है, तो हमारा अधिग्रहण भी अस्थायी है, जब महाराज ने इसे स्वीकार किया, यह तब भी अस्थायी था। अब्दुल्ला ने कहा कि उस समय कहा गया था कि कश्मीर में जनमत संग्रह होगा और जनता तय करेगी कि भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ जाना है। उन्होंने कहा कि जब ऐसा नहीं हुआ है तो वो धारा 370 को कैसे हटा सकते हैं। 
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उधर राज्यसभा में जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कश्मीर की संस्कृति का संरक्षण सरकार करेगी। आतंक पर जीरो टॉलरेंस की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को तोड़ने की कोशिश करने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे। 

इस दौरान शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसे कोई अलग नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित अपने ही देश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। हमें उनकी वापसी की उम्मीद है।
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गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीरियत की बात है तो सबकी बात होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सूफी संत कश्मीर का हिस्सा नहीं थे? शाह ने कहा कि वह समय आएगा जब कश्मीरी पंडित वहां के मंदिरों में पूजा-पाठ करते हुए दिखाई देंगे। 
 

'जो इतिहास की गलतियों से नहीं सीखते उनका भविष्य बेहतर नहीं होता'

गृह मंत्री शाह ने कहा कि गुलाम नबी आजाद जी और मनोज झा (रालोद) जी ने कहा था कि हम भारत की जनता के बीच नेहरू जी के बारे में गलत जानकारी फैलाना चाहते हैं। यह गलत है। यह हमारा उद्देश्य न था और न कभी होगा। लेकिन, जो देश इतिहास में की गई अपनी गलतियों से नहीं सीखते उनका भविष्य बेहतर नहीं होता। 

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