चाहे खेतीबाड़ी हो या बीमारियों के इलाज तलाशने की दिशा में शोध हो, इसका असली फायदा तभी होगा जब इससे आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। वैज्ञानिक किसानों के बीच जाकर उन्हें बताएं कि कैसे वे आधुनिक तरीके के इस्तेमाल से खेती को बेहतर बना सकते हैं। भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए खेती के तरीकों में बदलाव बहुत जरूरी है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने महसूस किया था कि देश के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एकीकरण हमारे देश के लाखों लोगों की सामाजिक आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए आवश्यक है। उन्होंने डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद किया, जो सीएसआईआर के पहले उपाध्यक्ष थे।
उपराष्ट्रपति वैज्ञानिकों, छात्रों और कर्मचारियों से रूबरू हुए। निदेशक आईआईआईएम डॉ राम विश्वकर्मा ने संस्थान की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इससे पूर्व सोमवार सुबह तकनीकी हवाई अड्डे जम्मू पर राज्यपाल एनएन वोहरा ने उप राष्ट्रपति का स्वागत किया। उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक दल ने गार्ड आफ ऑनर दिया। आईआईआईएम समारोह पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता सहित कई मंत्री और उच्चाधिकारी मौजूद रहे।