श्रीनगर। पुलिस ने अनंतनाग के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद वेरीनाग विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ जेकेएएस अधिकारी एम रऊफ को हिरासत में ले लिया है।
उप-न्यायाधीश अनंतनाग फिरोज अहमद खान की अदालत ने हमीदुल्लाह बवानी बनाम जम्मू-कश्मीर एवं अन्य नामक निष्पादन याचिका की सुनवाई करते हुए अनंतनाग जिला जेल के अधीक्षक और अनंतनाग के एसएचओ को आदेश दिया कि वे अधिकारी जिनकी पहचान एम रऊफ रहमान के रूप में हुई है, को 15 अक्तूबर 2025 तक न्यायिक हिरासत में लें और निर्देश दिया कि उन्हें उस दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जाए।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने बाद में अधिकारी को हिरासत में ले लिया और प्रक्रिया के अनुसार उन्हें दाखिल करने से पहले चिकित्सा परीक्षण के लिए एक स्थानीय अस्पताल ले गई।
इससे पहले नौ सितंबर को अदालत ने आदेश का पालन न करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि सीईओ ने 4 मार्च 2025 के आदेश के आधार पर जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने की भी जहमत नहीं उठाई। आदेश में आगे कहा गया है। इसका अर्थ है कि उसके पास यह बताने का कोई कारण नहीं है कि उसे गिरफ्तार क्यों न किया जाए और सिविल जेल में क्यों न रखा जाए।
इसके अतिरिक्त न्यायालय ने सीईओ के विरुद्ध 50,000 रुपये का जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया और वेरीनाग पुलिस स्टेशन के एसएचओ को इसे निष्पादित करने और शीघ्र वापसी के लिए निष्पादित करने का निर्देश दिया।