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खुशखबरीः पुंछ में बेली ब्रिज पर दौड़ेंगे वाहन

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बाढ़ की तबाही झेल चुके पुंछ जिले में बफ्लियाज से पुंछ तक छह बेली ब्रिज (अस्थायी लोहे के पुलों) का निर्माण किया जा रहा है। केंद्रीय गृह  मंत्रालय से मंजूरी के बाद पुलों के निर्माण के लिए कोलकाता के गार्डन रीच से पचास गाड़ियों में उपकरण लाया जा रहा है, जिनमें से सोलह पहुंच चुकी है।
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पुंछ टाउन में पहले पुल का निर्माण शुरू किया गया है। बनाए जा रहे पुलों पर वाहनों की आवाजाही शुरू से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को राहत मिलेगी। यह पहला मौका है जब रियासत में किसी त्रासदी के बाद युद्धस्तर पर ऐसे पुलों का निर्माण किया जा रहा है।

इन पुलों के निर्माण का खर्च सड़क एवं भवन निर्माण विभाग वहन करेगा। जम्मू संभाग में गत सितंबर माह में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से कई सड़कों के साथ मोटर और फुट ब्रिजों को नुकसान पहुंचा था।
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लंबे समय तक रहती है पुल की उम्र

क्षतिग्रस्त 2708 सड़कों में से 2666 को बहाल कर दिया गया है, लेकिन पुलों के अस्थायी निर्माण चुनौती बने हुए हैं। बाढ़ से पहले जम्मू संभाग के कुल 338 मोटर और 508 फुट ब्रिजों पर रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही होती थी।

बाढ़ से 54 ब्रिज और 177 फुट ब्रिजों को नुकसान पहुंचा था। 27 फुट ब्रिज पानी में पूरी तरह से बह गए। इसमें सबसे ज्यादा क्षति पुंछ जिले में हुई। पुंछ में अभी तक कोई मोटर ब्रिज बहाल नहीं हो पाया है। इसको देखते हुए छह वैली ब्रिज का निर्माण शुरू किया गया है।

इस पुल की खासियत यह है कि यह कुछ ही दिनों में खड़ा किया जा सकता है और लंबे समय तक चल सकता है। अगले कुछ समय में बफ्लियाज से पुंछ तक दरिया पर सभी छह वैली ब्रिज को खड़ा कर दिया जाएगा।

पंद्रह करोड़ रुपये खर्च होंगे

विभाग के चीफ इंजीनियर अब्दुल हमीद शेख का कहना है कि मुख्यमंत्री के केंद्र से जोर देने पर ऐसा संभव हो पाया है। पहले ऐसे कार्य के लिए छह से ज्यादा माह का समय लग सकता था। प्रोजेक्ट पर करीब पंद्रह करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कोलकाता से आ रहे उपकरणों पर रियासत में टैक्स माफ किया गया है।
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