आतंकवाद से पीडि़त कश्मीर घाटी में पहचान की जद्दोजहद की कहानी अब बड़े पर्दे पर दिखेगी। वालीबुड हिंदी फिल्म आईडेंटटी कार्ड ए लाइफलाइन शुक्रवार को देशभर में रिलीज हो रही है।
फिल्म में एक महिला पत्रकार को कश्मीर पहुंचने पर पहचान पत्र गुम हो जाने के बाद तनावपूर्ण हालात से जूझता दिखाया गया है। फिल्म में निर्माता, निर्देशक, लेखक के अलावा कई स्थानीय अभिनेता भूमिका निभा रहे हैं।
बालीवुड के अभिनेता भी कई किरदार में नजर आएंगे। रिलीज होने से पहले फिल्म ने सान फ्रांसिस्को में हुए अमेरिकन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ सपोर्टिगिं अभिनेता का अवार्ड पाकर उपलब्धि दर्ज करा दी है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई अवार्ड किए हासिल
जम्मू में मूवी टाइम इंदिरा में ईवनिंग शो में फिल्म रिलीज हो रही है। नियंत्रण रेखा से सटे पुंछ जिले के सुरनकोट निवासी युवा निर्देशक राहत काजमी, सह निर्माता तारिक खान और निर्माता जेबा साजिद ने राज्य के आतंकवाद से जुड़े हालात पर फिल्म बनाई है।
कठुआ जिले के संजय अमर ने फिल्म की कहानी लिखी है। शूटिंग कश्मीर और जम्मू में हुई है। फिल्म में वालीबुड अभिनेता सौरभ शुक्ला, रघुवीर यादव, विपिन शर्मा, ब्रिजेंद्र काला, टिया वाजपेयी और स्थानीय कलाकारों शशि भूषण, शोएब काजमी (केएएस) आदि ने भूमिका निभाई है।
फिल्म का 11 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इसे 48 देशों में देखा जा रहा है। जम्मू में पत्रकारों से रूबरू होते हुए निर्माता तारिक खान ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म को कई अवार्ड मिलने से लोकप्रियता का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आतंकवाद के दौर में अपनी पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ता है। एक सरकारी जूता नाम की फिल्म भी बहुत जल्द दर्शकों के बीच होगी, जिसे राहत काजमी ने ही निर्मित और निर्देशित किया है।