कश्मीर में लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिव मामलों के बीच कुछ एनजीओ साइलेंट सर्विस के तहत मरीजों की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं। जरूरतमंदों को ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं।
इनमें कुछ बड़े नाम हैं अथ्रोट, दारुल अता और एसआरओ। इनके वालंटियर्स कोरोना संकट के बीच लोगों की दिन रात मदद कर रहे हैं। जहां ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है यह वारियर्स लोगों तक ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर आदि पहुंचा रहे हैं।
अथ्रोट के चेयरमैन बशीर नदवी ने बताया कि वह पिछले 10 सालों से कश्मीर में मुश्किल की घड़ी में लोगों की मदद करते आए हैं और पिछले एक साल से कोरोना संकट के बीच भी लोगों तक मदद पहुंचाने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं। महामारी के दौरान उनके 30 से अधिक वालंटियर्स दिन रात लोगों की सेवा कर रहे हैं। नदवी ने कहा कि अभी तक उनके पास 350 कॉन्सेंट्रेटर थे, जो सभी इस समय मरीजों के पास सेवा में हैं। उन्होंने बताया कि 40 ऑटो बाईपैप मशीन भी मरीजों को दी गई हैं।
नदवी ने बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर के हज हाउस में एक सराय स्थापित की जा रही है यहां 50 बेड लगाए जाएंगे और हर बेड में ऑक्सीजन की सुविधा भी होगी। मरीजों का ध्यान रखने वाले अटेंडेंट्स के लिए पीपीई किट्स, एन 95 मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर भी मुहैया कराया जाएगा। नदवी ने बताया कि उनके नंबर सोशल मीडिया पर बांटे गए हैं और लोग संपर्क करते हैं।
वहीं दारुल अता के चेयरमैन शबीर अहमद के अनुसार उनके एनजीओ ने भी अब तक 115 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर और 15 ऑटो बाईपैप मशीने जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाई हैं। एसआरओ के एक वालंटियर ने बताया कि उन्हें भी रोजाना 30 से 40 कॉल्स आती हैं। वह भी मरीजों की मदद करते हैं। इसके अलावा एसआरओ की एम्बुलेंस सेवा भी चलती है जो मरीजों को मुफ्त अस्पताल लाती और ले जाती है।