हर मर्ज का इलाज समेटे रंगबिरंगे फूल आज दिल का हाल बयां करेंगे। प्यार का प्रतीक माने जाने वाले वेलेंटाइन सप्ताह का आगाज शनिवार को रोज डे के साथ होगा। यहां फूलों के सहारे हर कोई अपने रिश्ते को बनाने की कोशिश करेगा। माना जाता है कि हर रंग का फूल एक रिश्ता समेटे होता है। इसलिए इन रिश्तों के फूलों से नए रिश्ते बनाने की शुरुआत होगी। इसके लिए शहर के फूल विक्रेताओं ने कमर कस ली है।
दुकानों पर अलग-अलग रंग के फूल पहुंच चुके हैं। किसी से पहली दोस्ती, किसी रूठे को मनाना, किसी से प्यार का इजहार करना आदि के लिए अलग-अलग रंग के फूल हैं। लाल फूल प्यार का इजहार करता है। पीले रंग का फूल दोस्ती का संदेश है और सफेद फूल किसी रूठे को मनाने का संदेश देता है।
युवा वर्ग की तरह बड़ी उम्र के वर्ग भी अपने चाहने वालों को उनके पसंद के फूल भेंट करके अपने प्यार और भावनाओं को व्यक्त करेंगे। इस मौके पर शहर और आसपास के इलाकों में स्थित फूलों की दुकानों से लेकर अन्य गिफ्ट गैलरी में युवाओं की भीड़ जुटना शुरू हो जाएगी।
रोज डे पर अपने चाहने वाले को फूल भेंट करने के लिए बाग ए बाहु, मांडा पार्क, महामाया मंदिर और अन्य स्थलों की ओर रुख करेंगे। यहां एकांत माहौल में अपने दिल की बातों को फूल देकर बयान करेंगे।
वर्ष 1912 में हुई थी शुरुआत
वेलेंटाइन वीक के पहले दिन के तौर पर मनाये जाने वाले रोज डे के इतिहास के बारे में गौर किया जाए तो इसकी शुरुआत वर्ष 1912 में हुई थी। इसे ऐलेक्संडरा रोज डे के नाम से जाना जाता था। इंग्लैंड की महारानी ऐलेक्संडरा लगभग पचास साल बाद डेनमार्क से अपने पैतृक देश ब्रिटेन गईं तो समूचे देश में महारानी ऐलेक्संडरा का जोरशोर के साथ स्वागत किया गया था।
उन्होंने इच्छा जताई थी कि उनके स्वागत की इस तिथि पर लंदन में गुलाब की बिक्री होनी चाहिए, जिसके तहत आने वाली राशि के कोष से गरीबों की सहायता के लिए इस्तेमाल किया जाए।
परिवार के प्रति जताएं प्रेम
रोज डे पर जरूरी नहीं कि हम प्रेमी या प्रेमिका को फूल देकर सेलिब्रेट करें। इस मौके पर हम अपने पारिवारिक सदस्य जिनके साथ हम बिल्कुल करीब हैं जिसमें हमारे मां-बाप, भाई-बहन या दोस्त को फूल भेंट करके उनके प्रति अपना प्रेम और भावना व्यक्त कर सकते हैं। कहा जाता है कि विभिन्न रंग और खुशबू प्रदान करने वाले यह फूल रिश्तों में प्रेम और गर्माहट को मजबूत रखने में बहुत बड़ा योगदान देते हैं।