ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से बाढ़ का पानी निकलने के बाद महामारी की आशंका को देखते हुए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने की हिदायत दी है। साथ ही सरकार ने लोगों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को पास के अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और टीकाकरण केंद्रों पर अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उन्हें टीका लगवाएं।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार रविवार तक कुल 6.5 लाख लोगों का टीकाकरण किया गया है। बाढ़ पीडि़त इलाकों में छह माह से लेकर 15 साल तक के बच्चों को टीका लगाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की बीमारी से उन्हें बचाया जा सके। इसके अलावा छह माह से पांच साल तक के बच्चों को पोलियो खुराक और विटामिन ए दिया जा रहा है।
सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और टीकाकरण केंद्रों को ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। विभाग को कहा है कि अस्पतालों के अलावा शिविर लगाकर प्रभावित इलाकों में अभियान चलाने को कहा है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से न छूट पाए।
उल्लेखनीय है कि पहले घाटी के लिए पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध नहीं हुए थे, लेकिन रियासती सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने बड़ी मात्रा में आपूर्ति की। सरकार का कहना है कि बाढ़ के पानी की निकासी के बाद संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोग भी ऐसे मौके पर एहतियात बरत अपने बच्चों को संभालें।