आईटीबीपी जवानों से भरी बस के खाई में गिरने से घायल हुए उत्तराखंड निवासी एएसआई नंदन सिंह भी शहीद हो गए हैं। उन्होंने मंगलवार को उपचार के दौरान श्रीनगर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। पहलगाम में 16 अगस्त को हुए हादसे के दिन सात जवान शहीद जबकि तीस जवान घायल हो गए थे। कुछ घायलों का उपचार नई दिल्ली में भी चल रहा है।
अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी से लौट रहे भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) जवानों से भरी बस पहलगाम से छह किलोमीटर पहले गहरी खाई में गिर गई थी। इसमें मौके पर ही सात जवान शहीद हो गए थे। घायलों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की बस से जवान चंदनबाड़ी से पहलगाम लौट रहे थे। बस में आईटीबीपी के 37, पुलिस के दो जवान तथा दो बस स्टाफ थे। पहलगाम से छह किलोमीटर पहले मंगलवार सुबह बस असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इसमें सभी घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही आईटीबीपी की टीम तथा सुरक्षा बलों के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। इस दौरान मौके पर ही सात जवानों की मौत हो गई। अन्य घायलों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया है।
दुर्घटना में जान गंवाने वाले आईटीबीपी जवान
एएसआई नंदन सिंह(उत्तराखंड), हेड कांस्टेबल दुला सिंह (तरनतारन, पंजाब), कांस्टेबल अभिराज (लखीसराय, बिहार), कांस्टेबल अमित के (एटा, उत्तरप्रदेश), कांस्टेबल डी राजशेखर (आंध्रप्रदेश), कांस्टेबल सुभाष सी बैरवाल (सीकर, राजस्थान), कांस्टेबल दिनेश बोहरा (पिथौरागढ़, उत्तराखंड) व कांस्टेबल संदीप कुमार (जम्मू)
बस के उड़े परखच्चे, मची चीख-पुकार
गहरी खाई में बस के गिरते ही उसके परखच्चे उड़ गए। चारो ओर चीख पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में मदद पहुंचाई। स्थानीय लोगों का कहना था कि तेज आवाज हुई तो वे मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचते देखा कि बस नीचे गिरी पड़ी है और जवान खून से लथपथ इधर-उधर बिखरे पड़े हैं।