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Jammu News: कश्मीर तक ट्रेन पहुंचाने में 63 किमी की दूरी शेष

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- बनिहाल से संगलदान तक 48 किलोमीटर ट्रैक तैयार, मार्च से दौड़ सकती है रेलगाड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से रेल नेटवर्क से जोड़ने में सिर्फ 63 किलोमीटर की दूरी शेष बची है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल रेल लिंक (यूएसबीआरएल) में सबसे मुश्किल कटड़ा-बनिहाल (111 किमी) खंड में से 48 किलोमीटर का सेक्शन परिचालन के लिए तैयार है, जबकि शेष 63 पर कार्य प्रगति पर है। इसमें कटड़ा-रियासी स्टेशनों के बीच 3.2 किमी सुरंग टी-1 का महत्वपूर्ण कार्य शामिल है।
सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यूएसबीआरएल परियोजना की कुल लंबाई 272 किलोमीटर है। इसमें कटड़ा-बनिहाल के बीच 111 किमी लंबे रेल खंड पर काम चल रहा है। खाड़ी से संगलदान रेलवे स्टेशन तक 34 किमी लंबे ट्रैक पर वीरवार 15 फरवरी को सीआरएस निरीक्षण होने के साथ ही 111 किलोमीटर में से 48 किमी तक काम पूरा हो जाएगा और यह खंड परिचालन के लिए तैयार होगा। मार्च तक इससे श्रीनगर से संगलदान तक ट्रेन चलाने की भी तैयारी है। संगलदान से कटड़ा तक 63 किलोमीटर सेक्शन पर निर्माण पूरा करने के लिए कार्य तेज गति से हो रहा है। कटड़ा से संगलदान सेक्शन में टनल टी1 सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं, जिन पर काम चल रहा है। इसमें ग्राम मोड, बक्कल रेलवे स्टेशन तैयार है। चिनाब पुल और अंजी खड्ड पुल का काम भी अंतिम चरण में है। इसके साथ कोड़ी, डुग्गा, खन्नाकोट, सावल कोट में भी काम निर्माणाधीन है। हालांकि 63 किमी में से अधिकांश हिस्से में ट्रैक बिछ गया है, लेकिन सीआरएस इंस्पेक्शन के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्य होना बाकी है। यूएसबीआरएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कार्य तेजी से चल रहा है। 48 किमी तक काम हो चुका है। शेष कार्य को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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ऐसे समझें यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट को
यूएसबीआरएल की 272 किलोमीटर लंबी परियोजना में 38 सुरंगें, जिनकी (संयुक्त लंबाई 119 किमी) हैं। इसमें सबसे लंबी सुरंग (टी-49) की लंबाई 12.75 किमी है और यह देश की सबसे लंबी परिवहन सुरंग है। 927 पुल हैं (संयुक्त लंबाई 13 किमी)। इन पुलों में प्रतिष्ठित चिनाब ब्रिज (कुल लंबाई 1315 मीटर, आर्क स्पैन 467 मीटर और नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई) शामिल है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल होगा। अंजी खड्ड पर भारतीय रेलवे का पहला केबल स्टे ब्रिज भी बनाया है। परियोजना को चार हिस्सों में बांटा गया था। इसमें उधमपुर-कटड़ा 25 किमी 2014 में चालू हो गया है। कटड़ा-बनिहाल 111 किमी पर कार्य प्रगति पर है। बनिहाल-काजीगुंड 18 किमी 2013 में शुरू हो चुकी है। काजीगुंड-बारामुला 118 किमी 2009 से चालू है।
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