जम्मू विवि में पहुंची महिला वैज्ञानिकों ने विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार पर किया मंथन
लैंगिक असमानता को लेकर भी चर्चा की गई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय में रविवार को महिला विज्ञान कांग्रेस का आगाज हुआ। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें देशभर से 200 महिला वैज्ञानिक हिस्सा ले रही हैं। जम्मू-कश्मीर विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार परिषद के सहयोग से करवाए जा रहे तीन दिवसीय आयोजन में लैंगिंग समानता, विज्ञान, तकनीकी और गणित (एसटीईएम) में महिलाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने व अगली पीढ़ी की इन विषयों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पहले दिन कार्यक्रम में लैंगिक समानता के नैतिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।
सीएसआईआर, आईआईसीबी कोलकाता की निदेशक प्रो. वीभा टंडन को इसमें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर और समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। वैज्ञानिक सोच के बिना कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता और उसका सार्थक अस्तित्व नहीं हो सकता। विज्ञान बड़े प्रश्नों के उत्तर खोजने के अलावा दैनिक जीवन की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान भी कर सकता है। इस क्षेत्र में महिलाओं की संख्या और प्रतिनिधित्व के बीच असमानता है, इसका समर्थन करने के लिए मजबूत डेटा के साथ यह एक स्थापित तथ्य है। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन दो कारण हैं जागरूकता और रोल मॉडल की कमी। लेकिन अगर आप चारों ओर देखें तो अधिकांश महिलाएं व्यावहारिक रूप से वे सभी प्रयोग करती हैं होम नामक प्रयोगशाला चलाती हैं। इसलिए यह विज्ञान कांग्रेस युवतियों को महिला रोल मॉडल से परिचित कराने के लिए दोनों को संबोधित करने का प्रयास करेगी। रविवार को देशभर से युवा महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। उन पर चर्चा की गई। मौके पर जम्मू विवि के वीसी प्रोफेसर उमेश राय, डीन अकादमिक मामले अनुराधा बसीन भी मौजूद रहीं।