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यूपीएससी: आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र की नादिया ने रचा इतिहास

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सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले आरएस पुरा के अभिषेक के परिवार वाले एक दूसरे को मिठाई खिलाते हुए।
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कुपवाड़ा। जिले के पुंजवा गांव की रहने वाली नादिया बेग ने महज 23 साल की उम्र में दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। वह बताती हैं कि यह एक कठिन सफर था। वर्ष 2018 मैं वह पास नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने और अधिक मेहनत की। कहा कि यदि कोई अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर मेहनत करता है तो कुछ भी असंभव नहीं है, सफलता अवश्य मिलेगी। उम्मीद है कि बहुत से लोग मेरी सफलता से प्रेरित होंगे। यह मेरा सपना था और मैंने बहुत मेहनत की। मुझे बहुत खुशी हो रही है। उपायुक्त अंशुल गर्ग ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में लिखा कि अब कुपवाड़ा के युवाओं के पास दिखाने के लिए अपना रोल माडल है। जिन्होंने अपने धैर्य और दृढ़ संकल्प से सभी चुनौतियों को पार किया है। संवाद
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सफलता के लिए मेहनत का कोई शार्टकट नहीं: आफताब
कुपवाड़ा। यूपीएससी की परीक्षा में 412वीं रैंक हासिल करने वाले आफताब रसूल के घर में जश्न का माहौल है। परिणाम की घोषणा होते ही उनके घर पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। आफताब ने इसे ईश्वर का तोहफा बताते हुए कहा कि निरंतर मेहनत के अलावा सफलता का कोई दूसरा शार्टकट नही है। उनके पिता जम्मू-कश्मीर पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। प्रदेश के हालात अनुकूल न होने के कारण उन्होंने प्रदेश के बाहर अपनी उच्च शिक्षा पूरी की, और लगातार मेहनत की बदौलत सफलता हासिल की। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हुए उन्होंने अपनी रैंक पर संतोष जताया। संवाद
यूसुफ के पिता बोले मेरा सपना पूरा हो गया
कुलगाम। आतंक प्रभावित कुलगाम जिले में एक शिक्षक के पुत्र आसिफ यूसुफ तांत्रे ने यूपीएससी की परीक्षा में 328वीं रैंक हासिल की है। हबलिश के रहने वाले आसिफ के पिता बताते हैं कि हालांकि ईद कुछ दिन पहले बीत चुकी है परंतु हमारे लिए आज का दिन ईद से कम नहीं है। यूसुफ ने हमें ईद का असली तोहफा दिया है। मैंने अपने पुत्र की पढ़ाई पर बहुत मेहनत की। जो सपना मैंने कुछ समय पहले देखा था वह आज पूरा हो गया। उन्होंने बताया कि जैसे ही लोगों को आसिफ की सफलता की खबर मिली सब इकट्ठे हो गई गर पर जश्न का माहौल है। आसिफ ने पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। संवाद
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अभिषेक ने 12 घंटे की पढ़ाई कर पाई सफलता
आरएस पुरा। 38वां रैंक हासिल करने वाले अभिषेक अगस्तय आरएसपुरा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि कालेज के दौरान दोस्त सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे थे। उनके चचेरे भाई जो भारतीय वन सेवा के तहत चयनित हुए थे वह प्रेरणा बने। चौथी बार में उन्हें यूपीएससी 268वां रैंक मिला था। पांचवीं बार में बेहतर रैंक आई। वह इन दिनों इंडियन ऑडिट अकाउंट सर्विस में शिमला में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 8 से 10 घंटे की पढ़ाई करते थे और परीक्षा के समय में 12 घंटे तक भी पढ़ाई में समय दिया। अभिषेक का कहना है कि जो लोग सिविल सर्विस करने का सपना देखते हैं उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करते रहना चाहिए। उनका कहना है कि सफर लंबा हो सकता है पर अगर मेहनत करते रहो तो सपना जरूर पूरा होगा। उन्होंने बताया कि 4जी इंटरनेट सेवा बंद होने से काफी परेशानी झेलनी पड़ी। संवाद
सन्नी सोशल मीडिया से दूर रहे और पुस्तकालय में बिताया समय
जम्मू। जम्मू के सन्नी गुप्ता ने 148वां रैंक हासिल किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई की है। वह ज्यादा समय लाइब्रेरी में बिताते थे, सुबह से शाम तक वहीं पर पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि वह 2013 से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनकी छठी बार और आखिरी बार कोशिश थी, जिसके बाद उनके सफलता हासिल हो ही गई। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को बिना किसी शोरशराबे में पढ़ाई करनी चाहिए। इसके लिए सबसे अच्छी जगह लाइब्रेरी है। सन्नी का कहना है कि जो लोग सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सोशल मीडिया से दूर रहना चाहिए और मेहनत और लगन से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 4जी इंटरनेट सेवा ठप होने की वजह से काफी परेशानी आई पर लाइब्रेरी में वाईफाई की सुविधा उपलब्ध थी जिससे थोड़ी राहत मिली। ब्यूरो
भद्रवाह के किचलू ने तीसरी बार हासिल की सफलता
उधमपुर। यूपीएससी की परीक्षा में असरार अहमद किचलू ने 248वां रैंक हासिल किया है। किचलू का कहना है कि शुरू से एक सोच बनाकर रखी थी कि लोगों के बीच जाकर ही लोगों की सेवा करनी है। इसके लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। यूपीएससी की परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद भी कोशिश जारी रखी और कड़ी मेहनत से आज मंजिल हासिल कर ली है।
असरार का परिवार मूलरूप से डोडा जिले के भद्रवाह का रहने वाला है, लेकिन वह जम्मू के विधाता नगर भठिंडी में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2016 में जीएमसी जम्मू से एमबीबीएस की और इस दौरान उन्होंने यूपीएसई की परीक्षा देने का मन बना लिया । एमबीबीएस करने के बाद प्रैक्टिस करने के बजाय यूपीएसई परीक्षा की तैयारी में जुट गए। दो बार परीक्षा देने पर कामयाबी नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत के साथ तैयारी में जुट गए। तीसरी बार की गई कोशिश कामयाब रही। उन्होंने शुरू से सोचकर रखा था कि केवल कुर्सी पर बैठकर काम नहीं करना। उनका लक्ष्य लोगों के बीच जाकर सेवा करना है। लोगों की परेशानियों को समझना है और उन्हें दूर कर लोगों की मदद करनी है। यह सब आईएएस अधिकारी बनकर ही संभव हो सकता था। किचलू ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को संदेश दिया कि अपनी मंजिल को हासिल करने के लिए मेहनत करें। जम्मू-कश्मीर के युवाओं में बहुत ज्यादा प्रतिभा है। वह अपनी ऊर्जा को सही इस्तेमाल करें। ब्यूरो
सभी सफल उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई। आशा है कि वे सिविल सेवाओं की उच्चतम परंपराओं को कायम रखते हुए ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। इनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को प्रेरित करेगी और आने वाले वर्षों में देख की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेगी। -गिरीश चंद्र मुर्मू, उप राज्यपाल, जम्मू-कश्मीर।
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जम्मू-कश्मीर के इन लोगों ने पाया मुकाम
1- 38 अभिषेक अगस्त्य, जम्मू
2- 148 सनी गुप्ता, जम्मू
3- 177 देव अहुति, जम्मू
4- 240 पार्थ गुप्ता, जम्मू
5- 248 असरार अहमद किचलू, भद्रवाह
6- 328 आसिफ यूसुफ तांत्रे, कुलगाम
7- 323 नामग्याल अंग्मो, लद्दाख
8- 350 नादिया बेग, कुपवाड़ा
9- 366 शुभम कुंडल, जम्मू
10- 412 आफताब रसूल, कुपवाड़ा
11- 628 सबजार अहमद गनी, कुपवाड़ा
12- 638 मजीद इकबाल खान , अनंतनाग
13- 716 स्टैनजिन वांग्याल, लद्दाख
14- 747 रईस हुसैन लोन, बांदीपोरा
15- 778 मोहम्मद नवास शराफुद्दीन
16-- 822 सैयद जुनैद आदिल

यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाली नादिया बेगम। - फोटो : SHRINAGAR

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