-उग्र भीड़ ने घर में की तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव में एसआई समेत तीन घायल
-रविवार रात हुई थी माैत, एफआईआर दर्ज, पति और सास समेत छह हिरासत में
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। सीमावर्ती गांव सई सरदारी में विवाहिता सुषमा देवी की माैत के बाद सोमवार को पूरे दिन हाई वोल्टेज हंगामा हुआ। मायकेवालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए ससुराल के घर जमकर तोड़फोड़ की। घर के परिसर की एक दीवार गिरा दी। रोकने की कोशिश कर रही पुलिस से हिंसक झड़प हुई। पथराव में एसआई समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बेकाबू होने पर आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और अंततः पुलिस की मौजूदगी में ही ससुराल के आंगन में मृतका का दाह संस्कार किया गया। पुलिस ने तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। पति व सास समेत छह लोगों को हिरासत में लिया है।
जम्मू जिले के सई सरदारी में 18 साल पहले ब्याही गई सुषमा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार रात को मौत हो गई थी। अरनिया थाने पुलिस को शव घर में फंदे से लटका मिला था। उपजिला अस्पताल में माैत की पुष्टि होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी जम्मू ले जाया गया था।
इधर, सुषमा की मौत की खबर मिलते ही पिंडी कदियाल गांव निवासी मायके पक्ष के लोग भड़क गए। सुषमा के माता-पिता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार सुबह सई सरदारी गांव पहुंच गए। उन्होंने सई कस्बे को पूरी तरह बंद करा दिया और गांव से दो किलोमीटर पहले सई मोला चौक पर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि सुषमा के पति और अन्य परिजनों पर हत्या और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया जाए। दोपहर तीन बजे जीएमसी में पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा तो माहाैल तनावपूर्ण हो गया। चाैक से मायके पक्ष के लोग और भीड़ शव को लेकर सई सरदारी गांव की ओर निकल पड़ी।
शव को अंतिम स्नान के लिए घर में ले जाने की जिद...और फिर बिगड़ गए हालात
ससुराल पहुंचकर मायके पक्ष के लोगों ने शव को अंतिम स्नान के लिए घर के भीतर ले जाने की जिद की। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने के अंदेशे से उन्हें रोकना चाहा, लेकिन भीड़ नहीं मानी। भीड़ उग्र हो गई और घर के परिसर की बाहरी दीवार गिराने के साथ कमरों के दरवाजे तोड़ने शुरू कर दिए। घर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। जब पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया तो छतों पर मौजूद कुछ लोगों ने वहां रखे गमले और पत्थर पुलिस पर फेंकने शुरू कर दिए। इस पथराव में एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
चार थानों की पुलिस रही तैनात, लोगों को समझाने में अधिकारियों का छूटा पसीना
महिला की माैत से सई सरदारी गांव में हालात इतने तनावपूर्ण रहे कि बिश्नाह, अरनिया, मीरां साहिब और आरएस पुरा थाने की पुलिस तैनात रही। चूंकि गांव सीमा के पास का है, ऐसे में पुलिस के अलावा सुरक्षाबल के जवान भी माैजूद रहे। हालात को बेकाबू होता देख एसडीएम आरएस पुरा अनुराधा ठाकुर, एसपी हेडक्वार्टर अन्ना सिंह और एसडीपीओ आरएस पुरा गुरमीत सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मायके पक्ष और ग्रामीणों के साथ लंबी बातचीत कर उन्हें शांत किया। दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद ससुराल के घर के आंगन में ही सुषमा देवी का अंतिम संस्कार किया गया।
छह लोग हिरासत में, दोषियों को सख्त सजा की मांग
एसडीपीओ आरएस पुरा गुरमीत सिंह ने बताया कि तनावपूर्ण हालात को काबू कर लिया गया है। पुलिस ने मृतका के पति करनैल सिंह, सास दीपो देवी सहित छह लोगों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुचेतगढ़ के पूर्व डीडीसी तरणजीत सिंह टोनी और पूर्व सरपंच बलवीर कौर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज कर सख्त सजा की मांग की है।
पिता बोले...दहेज मांगा जा रहा था, पंचायत में भी गया था मामला
-मृतका के पिता सौदागर सिंह ने बताया कि 18 साल पहले सुषमा की शादी पूर्व फौजी करनैल सिंह से हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज की मांग की जा रही थी, जिसे कई बार पूरा भी किया गया। पंचायत में भी कई बार समझौते हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि करनैल सिंह, उसके चाचा और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या की है।
-मृतका की बुजुर्ग मां सीता देवी के अनुसार रविवार शाम को हमें फोन पर बताया गया कि सुषमा बीमार है, लेकिन जब बात कराने को कहा गया तो फोन काट दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी को पीट-पीटकर मारने के बाद उसके गले में दुपट्टा डालकर पंखे से लटका दिया गया।