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कश्मीर घाटी में और बिगड़ेंगे हालात, अमरनाथ यात्रा पर हो सकता है असर

Sun, 28 May 2017 04:14 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
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कश्मीर घाटी में हिंसा - फोटो : फाइल फोटो
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आतंक के दूसरे पोस्टर ब्वाय शब्जार भट की मुठभेड़ में मौत के बाद कश्मीर में हिंसा भड़कने के आसार हैं। शब्जार आतंकी बुरहान वानी के बचपन का दोस्त और वानी के मौत के दिए तक उसका दाहिनी हाथ माना जाता रहा। सुरक्षा बलों की डायरी मे वह ए प्लस प्लस श्रेणी का आतंकी था।
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शनिवार को मुठबेड़ में उसकी मौत के तुंरत बाद मस्जिद कमेटियां सक्रिय हो गईं और आम लोगों को संगठित करने का क्रम शुरू हो गया है। हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर जाकिर मूसा की बगावत के बाद शब्जार ही हिज्ब का कमांडर बन गया था। हिज्ब के अन्य आतंकी उसके निर्देश पर काम करने लगे थे। 

सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक शब्जार की मौत के बाद भी सर्च आपरेशन और कासो जारी रखने का फैसला लिया गया है। शब्जार की मौत के बाद हिंसा भड़कने की आशंका के मद्देनजर दक्षिणी कश्मीर मेे एहतियात बरतने को अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने बुरहान वानी की मौत के बाद हुए घटनाक्रम के बाद अपनी रणनीति में कई बदलाव किए हैं। इसलिए इस बार किसी भी साजिश को विफल करने के लिए इंतजाम पहले से शुरू कर दिया गया है। 
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पहले भी घेरा जा चुका था सबजार

आतंकी सबजार - फोटो : फाइल फोटो
हिजबुल मुजाहिदीन के इस आतंकी ने उस समय सुरक्षा बलों से हथियार छीनकर आतंकी संगठन में भर्ती ली थी जब बुरहान का भाई खालिद सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया था। सुरक्षा बलों ने 5 मार्च को भी त्राल में उसे घेरा था। तब तीन आतंकी मारे गए थे लेकिन स्थानीय लोगों के पथराव के कारण शब्जार भागने में सफल हो गया था। दक्षिण कश्मीर के युवकों में एक असफल आशिक की पहचान के कारण उसके प्रति सहानुभूति रही है। वह जिससे प्यार करता था उस लड़की के माता-पिता ने उसे खारिज कर दिया था। 
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दक्षिण कश्मीर में 100 कश्मीरी आतंकी

दक्षिण कश्मीर में 100 कश्मीरी आतंकी - फोटो : Demo Photo
सुरक्षा बलों को पुख्ता जानकारी है कि दक्षिणी कश्मीर में कम से कम 100 स्थानीय आतंकी हैं। इनमें से अधिकांश बुरहान की मौत के बाद भर्ती हुए हैं। त्राल के जंगलों में आतंकियों के बसेरे की भी जानकारी सुरक्षा बलों को है। शब्जार इन जंगलों के अलावा गांवों में भी शरण लेता था। बुरहान की मौत के बाद सुरक्षा बलों को स्थानीय आतंकियों को नहीं मारने के हिदायत दी गई थी। इस कारण भी शब्जार को कुछ दिन तक जीवन दान मिला।  
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