बैठक में ऑनलाइन पढ़ाए जाने वाले 40 प्रतिशत स्वयं कोर्स की ऑनलाइन परीक्षा के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है। यह कमेटी कोर्स की ऑनलाइन परीक्षा लेने के बारे में हितधारकों से सुझाव भी मांगेगी। सभी हितधारक अपने सुझाव देंगे तो इस कोर्स की परीक्षा भी ऑफलाइन मोड के बजाय ऑनलाइन ली जाएगी।
अब विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पढ़ाई होगी। दोनों कोर्सों की परीक्षाएं भी ऑफलाइन मोड से आयोजित की जाएंगी, जिससे छात्रों को पढ़ाई करने में सहूलियत होगी।
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कोरोना महामारी के चलते विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 547वीं बैठक में 40 प्रतिशत स्वयं कोर्स ऑनलाइन पढ़ाने और 60 प्रतिशत कोर्स ऑफलाइन पढ़ाने का निर्णय लिया है। दोनों कोर्सों की परीक्षाएं भी ऑफलाइन मोड से आयोजित की जाएंगी।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डीन प्रोफेसर रसाल सिंह ने बताया कि यह विचार कोरोना आपदा से मिले अनुभव का नतीजा है। इसमें यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि ऑनलाइन पढ़ाए जाने वाले चालीस प्रतिशत पाठयक्रम को भी 60 प्रतिशत ऑफलाइन पाठयक्रम पढ़ाने वाले शिक्षक ही पढ़ाएंगे।
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इससे छात्रों और शिक्षकों का आवश्यक प्रत्यक्ष संवाद और संपर्क भी होता रहेगा, लेकिन शिक्षकों का वर्क लोड प्रभावित नहीं होना चाहिए। यह भी ध्यान रखने की आवश्यकता है कि ऑनलाइन शिक्षण कक्ष शिक्षण का विकल्प नहीं अनुपूरक है।
इससे छात्रों और शिक्षकों के रोज विश्वविद्यालय आने की अनिवार्यता न होने से समय पर डीजल पेट्रोल की बचत के अलावा प्रदूषण और ट्रैफिक जैसी समस्याओं से कुछ राहत मिल सकती है।