रियासी। माता वैष्णो देवी के त्रिकुटा पर्वत की परिक्रमा पुरी कर छड़ी यात्रा रविवार मध्य रात्रि को वापस जिला मुख्यालय में पहुंची। रविवार सुबह नगर स्थित भगवान गणेश जी के मंदिर से छड़ी को पंडित चमन लाल शर्मा की अगुवाई में रवाना किया गया था। ग्रामोड़, टोट, देवीगढ़ तथा कोठरी से होते हुए छड़ी यात्रा सुखालघाटी पहुंची। इस दौरान सभी स्थानों पर यात्रा का स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया।
कोठरी से यात्रा पैदल शुरू की गई। शिव गुफा से होते हुए यात्रा सुखालघाटी के स्थानीय प्राइमरी स्कूल में पहुंची, जहां पर दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई थी। मौके पर श्री दुर्गा नाटक मंडली के चेयरमैन सुदेश कुमार पंडोतरा, प्रधान संजीव खजुरिया, कलाकार चमन लाल भगत, पूर्व विधायक बलदेव राज शर्मा ने कहा कि पूर्व में ग्रामीणों की यात्रा इन्हीं ग्रामीण क्षेत्रों से गुजर कर जाती थी। यात्रा को दोबारा से शुरू करवाने का मुख्य मकसद पिछड़े हुए क्षेत्रों में विकास करवाना तथा बाहरी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को यहां की संस्कृति के बारे में अवगत करवाना है। सरपंच पवन सिंह ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटड़ा की प्राथमिकता है कि वह वहां पर विकास कार्य करवाएं लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका है। यात्रा सुखाल गली की कठिन चढ़ाई को चढ़ मां कालिका के मंदिर पहुंची जहां पर माथा टेक कर सभी लोग जंगल गली पहुंचे जहां से छड़ी यात्रा वाहनों के जरिये वापस रियासी पहुंची। सोमवार सुबह मंदिर में कंजक पुजन कर सभी को प्रसाद बांटा गया।