बस में धमाके बाद जांच करती पुलिस
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सेना की उत्तरी कमान मुख्यालय से सटा उधमपुर शहर छह माह में दूसरी बार शक्तिशाली धमाके से दहल गया है। नौ मार्च को उधमपुर के इतिहास में पहली बार शहर के बीचो बीच सलाथिया चौक पर स्टिकी बम से आतंकी हमला किया गया था। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 16 लोग घायल हो गए थे।
पुलिस ने इस मामले में बाद में लश्कर मॉड्यूल के तीन आतंकियों को पकड़ने का दावा किया था। बुधवार को जिस जगह पर बस में धमाका हुआ है, वहां पेट्रोल पंप के साथ ही पास ही पुराना हाईवे है और पास ही सेना की चौकी है।
प्रथम दृश्टया इस धमाके में आतंकी साजिश से इन्कार नहीं किया जा रहा। यदि यह आतंकी साजिश है तो सुरक्षा के लिहाजा से यह मामला और बड़ा है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां यह भी मान रही हैं कि धमाके से बड़ा नुकसान टल गया है।
आसपास के इलाके को थर्रा देने वाले धमाके से पेट्रोल पंप पर आग भी लग सकती थी। गनीमत रही कि इसमें बस और मिनी बस के कंडक्टर ही घायल हुए।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ धमाका, मच गई भगदड़
उधमपुर में पेट्रोल पंप पर खड़ी बस में धमाके का फुटेज सीसीटीवी में कैद हो गया। वीडियो को देखकर लग रहा है कि बस की छत पर रखे सामान में कहीं विस्फोटक सामग्री थी। वहीं धमाके से धुएं का गुबार भी उठा। वीडियो में एक व्यक्ति अपना बचाव करते हुए भागता भी नजर आया।
जम्मू संभाग में आतंकी साजिशें तेज
कश्मीर में आतंकी वारदातों पर अंकुश लगने से बौखलाए आतंकी संगठन अब जम्मू संभाग के शांत इलाकों को टारगेट कर रहे हैं। एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ में आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। वहीं हाल के महीनों में जम्मू और उधमपुर को भी निशाना बनाया गया है।
उधमपुर में छह माह पूर्व नौ मार्च को स्टिकी बम हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए थे। वहीं कटड़ा के पास वैष्णो देवी श्रद्धालुओं से भरी बस में इसी साल 13 मई को विस्फोट से चार लोग जिंदा जल गए थे जबकि 26 घायल हो गए। इस हमले में भी स्टिकी बम के इस्तेमाल की बात सामने आई।
आतंकी साजिश से इन्कार नहीं
दोमेल चौक के पास संदिग्ध धमाका हुआ है। घायल दोनों लोग खतरे से बाहर हैं। धमाके में आतंकी साजिश से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। इसकी जांच की जा रही है। -सुलेमान चौधरी, डीआईजी उधमपुर