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भूस्खलन के डर से दो गांव कराए गए खाली

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जम्मू संभाग के डोडा में भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को अकेले काहरा के दुरगन गांव से ही 51 मकानों को खाली करा लिया गया है। इन घरों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने लगीं हैं। गंदोह तहसील में अब तक 98 घरों को खाली करवाया जा चुका है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
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पंचायत काहरा के दुरगन गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग बच्चों और जरूरी सामान लेकर सरकारी इमारतों और पंचायत घरों में शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों को चिंता सता रही है कि जीवन की कमाई से बनाए गए घर अब गिरने के कगार पर हैं। गंदोह बस अड्डे पर रविवार की शाम को शौकत अली, सफदार डार और चौधरी हनीफ के चार मंजिला दो मकान और आठ दुकानें देखते ही देखते खाक में मिल गए।

राहत की बात यह है कि प्रशासन ने दो दिन पहले ही इन घरों के साथ-साथ आसपास के मकानों को भी खाली करा लिया था। इससे जानी नुकसान होने से बच गया। रविवार सुबह रैला गांव में दस घरों को खाली कराया गया था। बता दें कि डोडा जिले के भागवा, देसा, गंदोह, कौटी, ठाठरी, प्रेमनगर में कई जगहों पर भूस्खलन हो रहा है।
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उधर, रामबन के धर्म कुंड इलाके का वार्ड नंबर छह कभी भी भूस्खलन से तबाह हो सकता है। भारी मलबा और पत्थर तेजी से बस्ती की ओर खिसक रहे हैं। बस्ती के सभी 45 घर खाली कर दिए गए हैं। सभी ने सरकारी मिडिल स्कूल में शरण ली है।

दरसू में फिर भूस्खलन, टनल बंद

मनवाल उधमपुर रोड पर दरसू में एक बार फिर से भूस्खलन हुआ और घंटो गाड़ियां एक तरफ खड़ी रहीं। भूस्खलन टनल के बिल्कुल करीब हुआ। पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक तरफ से टनल बंद हो गई। कई घंटों तक दोनों तरफ से गाड़ियां रुकी रहीं। भूस्खलन रुकने के बीच रुक-रुककर गाड़ियां एक तरफ के टनल से निकलीं।

कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण दरसू मार्ग बंद हो गया था। उधमपुर से कठुआ रोड के एक तरफ से बंद होने के कारण कई गाड़ियां फंसी रहीं। प्रशासन ने तुरंत क्रेन भेजकर इस मार्ग को साफ कराया। मौसम साफ होने के कारण पहाड़ी से गिरे मलबे को हटा लिया गया।

धार का यह मार्ग सांबा, बिलावर, बसोहली और कठुआ को उधमपुर से मिलाता है। वहीं, पंचैरी क्षेत्र के भी कई गांव को जाने वाले रास्ते अभी भी बंद है और लोगों को पैदल ही सफर कर मुख्य सड़क पर आना पड़ा। सार्वजनिक गाड़ियों की आवाजाही भी प्रभावित रही।
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वायुसेना ने डोडा में चलाया बचाव अभियान

भारी बारिश के कारण डोडा के दूरदराज वाले गांव देवालकुंड, नगरी और गाइडेसा में पस्सियां गिरने से हुई भारी क्षति के बाद भारतीय वायुसेना ने प्रभावित इलाके में बचाव अभियान चलाया। इस दौरान वायुसेना के हेलीकाप्टर से 20 क्विंटल राहत सामग्री गिराई। इसमें राशन, कंबल, दवाएं और अन्य सामान शामिल था।

समुद्री सतह से 8500 फुट ऊंचाई में उन क्षेत्रों में अभियान चलाया गया, जो क्षेत्र पूरी तरह से संपर्क मार्ग से कट गए। विपरीत मौसम के बावजूद अभियान चलाया गया। कमांडिंग अफसर विंग कमांडर एमएम सिंह के नेतृत्व में चले अभियान में स्क्वार्डन लीडर निर्मल कुमार शामिल थे।

बता दें कि, करीब छह दिन तक बंद रहने के बाद सोमवार को जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। सोमवार को करीब सात हजार वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ रवाना किए गए हैं। दिन के समय तो मौसम साफ रहा, लेकिन रियासत के पहाड़ी इलाकों में शाम के समय फिर से मौसम का मिजाज बदला और हल्की बारिश हुई।

श्रीनगर मौसम विभाग के मुताबिक नौ अप्रैल के बाद मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा। एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल ने बताया कि सोमवार को करीब सात हजार वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ छोड़े गए हैं। रामबन के पीड़ा में राजमार्ग को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके कारण वाहनों को आगे बढ़ने में काफी परेशानी हो रही है।
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