जम्मू जिला प्रशासन ने मलिक मार्केट में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान दो मंजिला शोरूम को आठ घंटे यानी सुबह सात से तीन बजे तक ध्वस्त कर दिया। वहीं विरोध-प्रदर्शन या पथराव जैसी स्थिति न बने, इसके लिए ड्रोन से नजर रखी गई। साथ ही मलिक मार्केट समेत आसपास इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। यहां तक कि मलिक मार्केट के पास हाईवे पर सुबह किसी को भी आने जाने की अनुमति नहीं दी गई। दोपहर तीन बजे के करीब हाईवे को खोला गया।
अतिक्रमण हटाने के लिए सुबह सात बजे पुलिस ने सबसे पहले नाकेबंदी की। इसके बाद जेसीबी शोरूम के बाहर पहुंची। मौके पर राजस्व और जिला प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे। इसके बाद ड्रोन से पूरे इलाके का जायजा लिया गया। आठ बजे श्रीनगर-पठानकोट हाईवे को बंद कर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू हुआ। इस दौरान पैदल चलने वालों को भी अनुमति लेकर वहां से गुजरना पड़ा।
अधिकांश लोगों को वैकल्पिक मार्ग से गुजरने की सलाह दी गई। मलिक मार्केट के अलावा आसपास के इलाकों में भी पुलिसकर्मी नजर बनाए रहे। एसओजी की टीम भी तैनात रही। सबसे पहले शोरूम की धरातल वाली मंजिल को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इस दौरान दीवारों और पिल्लरों को तोड़ा गया। इसके बाद शोरूम के फ्रंट को तोड़ा गया। सुबह 11 बजे धरातल मंजिल को तोड़ने के बाद 12 बजे तक दो मंजिला शोरूम का भवन गिर गया था। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक मलबे को ठिकाने लगाने का काम चलता रहा।
मलबे को ठिकाने लगाने के बाद शाम तीन बजे हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया। इससे पहले सुबह से ही कुंजवानी से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से सिद्दड़ा तक भेजा गया। अधिकांश वाहन कुंजवानी से सतवारी और नगरोटा पहुंचे। वहीं, बाहु प्लाजा, कासिम नगर, गुज्जर नगर पुलों से वाहनों की आवाजाही होती रही।
कासिम नगर से नरवाल और बाहु फोर्ट पहुंचने वाले वाहन चालकों को बावे वाली माता मंदिर सड़क से डायवर्ट किया गया। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल भी चलना पड़ा। नरवाल साइड से कासिम नगर आने वाले लोग पैदल चले। मलिक मार्केट से हाईवे का कुछ हिस्सा बंद रहा। दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद डीसी अवनी लवासा और एसएसपी चंदन कोहली मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।
गौरतलब है कि शनिवार से पहले के अभियान के दौरान पथराव हुआ था। तब पुलिस चौकी अधिकारी और दो अन्य लोग भी घायल हुए थे। बाद में अभियान को रोक दिया गया था। इस मामले में देर शाम मामला दर्ज किया गया था। साथ ही शोरूम मालिक सहित अन्य दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं बीते सोमवार को पांच लोग हिरासत में लिए गए थे। इसके बाद नौ लोग गिरफ्तार किए गए। इनमें सात से पूछताछ जारी है।
इस कारण वाहनों की आवाजाही रही बंद
शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान वाहनों की आवाजाही इसलिए बंद की गई थी, क्योंकि वाहनों के जरिये लोग मौके पर पहुंचकर काम में व्यवधान डाल सकते थे। इसलिए पहले ही मलिक मार्केट के पास हाईवे को बंद कर दिया गया था। यहां पर सिर्फ सुरक्षा बल ही तैनात रहे। वहीं, बठिंडी, छन्नी हिम्मत और अन्य इलाकों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। अभियान के दौरान आसपास के लोग घरों में ही रहे।
रणनीति के तहत हटाया अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन, राजस्व और पुलिस अधिकारियों ने बैठक की थी। इसमें शोरूम को ध्वस्त करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रणनीति बनाई गई थी। शनिवार को इसी रणनीति के तहत अतिक्रमण को हटाया गया।
इस वजह से शोरूम ध्वस्त करना था चुनौती
विभागों के लिए शोरूम ध्वस्त करना इसलिए चुनौती रहा, क्योंकि बठिंडी और आसपास इलाकों के लोग अभियान का विरोध कर रहे थे। इसके पहले चलाए गए अभियान के दौरान भीड़ ने ही पथराव कर काम में व्यवधान डाला था।