घाटी में दो अलग-अलग स्थानों पर आतंकी गोलाबारी की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद कई जगहों पर तनाव की स्थिति बनी रही। अप्रिय घटनाओं को देखते हुए कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अनेक स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया है।
शुक्रवार को पहली घटना बड़गाम जिले में हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक छत्तरगाम इलाके में 50 राष्ट्रीय राइफल के शिविर के पास हुई गोलाबारी में इशफाक अहमद गनी घायल हो गया था। उसने शनिवार को एसएमएचएस अस्पताल में दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि गनी सेना की ओर से चलाई गई गोली में घायल हो गया था।
इस बारे में रक्षा प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि आतंकवादियों ने सेना के छत्तेरगाम शिविर को निशाना बनाकर गोलाबारी की। इसमें इशफाक अहमद गनी गंभीर रूप से घायल हो गया था। गोली की आवाज सुनकर जांच के लिए एक सैन्य दल (क्यूआरटी टीम) मौके पर पहुंची। उन्होंने देखा की घटनास्थल पर इशफाक खून से लथपथ पड़ा था। उसके सिर में और पैर में गोली लगी थी। उसे उपचार के लिए छत्तरगाम अस्पताल से एसएमएचएस रेफर किया गया था।
दूसरी घटना दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार सुबह हुई गोलीबारी की चपेट में आई लड़की की मौत शनिवार को उपचार के दौरान हो गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वांगुड-कैमोह की रहने वाली मुस्कान जान गुरुवार को उस समय गोलीबारी की चपेट में आ गई जब तड़के खुदवानी में आतंकवादियों ने सेना के एक शिविर पर हमला कर दिया था। उन्होंने बताया, ‘सेना ने इस पर जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से गोलीबारी हुई। मुस्कान इस गोलीबारी में फंस गई थी। उसने एसएमएचएस अस्पताल में ले जाया गया। जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई।
पूर्व सीएम महबूबा और उमर ने कहा जांच हो
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सरकार से बड़गाम गोलीकांड को लेकर बना असमंजस दूर करने को कहा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इशफाक अहमद गनी की मौत पर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश कर जनता में बने भ्रम को दूर किया जाए। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने इशफाक की मौत पर दुख जताया। कहा कि राज्यपाल प्रशासन सुरक्षा एजेंसियों को नागरिकों की सुक्षा के लिए उत्तरदायी बनाएं। मुफ्ती ने इसकी जांच करने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।