जम्मू-कश्मीर में पिछले साल बालाकोट हवाई हमले के बाद बहादुरी के कारनामे के लिए जम्मू-कश्मीर के दो बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिला। इनमें से बडगाम के मुदासिर अशरफ (17) को वीरता पुरस्कार और कुपवाड़ा के सरताज मोहिदीन मुगल (16) को श्रवण पुरस्कार मिला।
हवाई हमले के बाद बडगाम जिले में वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। गांव में गिरते ही आग की लपटों में तब्दील इस हेलिकॉप्टर से ग्रामीण किफायत हुसैन बुरी तरह झुलस गया था। हेलिकॉप्टर क्रैश होते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने देखा कि हेलिकॉप्टर में एक व्यक्ति फंसा हुआ है। ग्रामीणों को लगा शायद वह पायलट होगा।
इस बीच अन्य ग्रामीणों के साथ ही मुदासिर भी वहां पहुंचा। जान की परवाह किए बिना उसने बचाव कार्य शुरू कर दिया। उसने अन्य ग्रामीणों को भी बचाव के लिए प्रेरित किया। इस दौरान कुछ स्थानीय बचाव कार्य का विरोध भी कर रहे थे लेकिन उसने इसकी परवाह नहीं की। आग की लपटों में घिरे किफायत को उसने बाहर निकाला लेकिन बुरी तरह झुलसने के कारण उसने दम तोड़ दिया। मुदासिर इन दिनों श्रीनगर के अमर सिंह कॉलेज में पढ़ रहा है।