अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मांगों को लेकर बिजली कारपोरेशन के अस्थायी कर्मचारियों की भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सुबह दो कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। आननफानन में उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में भर्ती कराया गया। इससे पहले कर्मचारियों ने एमडी कार्यालय पनामा चौक परिसर में प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि कारपोरेशन प्रबंधन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ रहा है।
सोमवार को शुरू की गई क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे चार कर्मचारियों में विजय और विशाल की मंगलवार की पूर्वाह्न 11 बजे तबीयत बिगड़ गई। इससे एकबारगी कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। दोनों को तत्काल जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि शाम को जीएमसी के डॉक्टरों ने दोनों कर्मचारियों की तबीयत में सुधार बताया। वहीं इस दिन तिलक राज, गंगन कुमार, हतिश कुमार और जोगिंद्र ने प्रबंधन विरोधी नारेबाजी के बीच भूख हड़ताल प्रारंभ की।
प्रबंधन सिर्फ आश्वासन तक सीमित
जेके पीडीडी, पीडीएल, टीडीएल एंड अदर वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष अखिल शर्मा ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों की मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। भूख हड़ताल के दूसरे दिन तक कारपोरेशन के अफसरों ने उनकी सुध तक लेना मुनासिब नहीं समझा। आंदोलन होने पर प्रबंधन सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहता है। नियमितीकरण के लिए कुछ नहीं किया जाता।कारपोरेशन प्रबंधन ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
संगठन की ये हैं मांगें
557 कर्मचारियों की डीपीसी की सूची जारी करें और उसे अपग्रेड किया जाए
सेवा के दौरान दिव्यांग हुए कर्मचारियों को उचित मुआवजा दिया जाए
कार्य के दौरान कर्मचारी की मौत होने पर उनके आश्रित को नौकरी दी जाए
अस्थायी कर्मचारियों के लिए नीति बनाई जाए