जम्मू-कश्मीर में बीते तीन दिन के दौरान भारी बारिश और बर्फबारी के दौरान सैकड़ों मकान ध्वस्त हो गए। इन हादसों में एक सीआरपीएफ उप निरीक्षक (एसआई) समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जम्मू-श्रीनगर हाईवे लगातार चौथे दिन बंद रहने और श्रीनगर से उड़ानें बंद रहने से कश्मीर घाटी का देश - दुनिया से संपर्क कटा रहा। भारी बर्फबारी के कारण कई इलाकों में ब्लैक आउट है। हालांकि बुधवार को मौसम साफ रहने से आम जनजीवन को थोड़ी राहत मिली है।
जम्मू जिले के ज्यौड़ियां में नाले से गुजरता सैन्य वाहन बचा लिया गया लेकिन उसमें रखा सामान बह गया। उधमपुर में मोंगरी तहसील के लड्डा बी इलाके में भूस्खलन होने पर 30 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर पंथियाल के नजदीक मलबे में फंसे एक वाहन में सवार आठ लोगों को रेस्क्यू किया गया। राजोरी में पहाड़ का मलबा गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई। प्रदेश में सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कठुआ में उज्ज दरिया में जल स्तर बढ़ने से 30 कनाल भूमि पर लगी फसल और जमीन का हिस्सा बह गया। बर्फबारी से बिजली ढांचा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। कश्मीर के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित है। जनवरी के शुरू में पिछले दो दशक में जम्मू जिला में सबसे अधिक बारिश हुई है।
बताया जाता है कि श्रीनगर स्थित नेकां के पूर्व विधायक मोहम्मद सईद आखून के आवास पर बर्फबारी के कारण गार्ड रूम गिर गया। इसके नीचे दबकर सब इंस्पेक्टर एचसी मुर्मू (115 बटालियन) सीआरपीएफ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे स्किम्स अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। एक अन्य घटना में कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम में छत से बर्फ गिरने से उसके नीचे दबकर राहामी बेगम (81) की मौत हो गई। कश्मीर में बर्फबारी के कारण दर्जनों घर गिर जाने से लोगों को भारी नुकसान हुआ है। दक्षिण कश्मीर में बर्फबारी से सबसे ज्यादा नुकसान की सूचना है। उधर किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर बोंजवाड़ गांव में मकान की छत गिरने से 12 वर्षीय आशिया बानो की मौत हो गई। उसके 35 वर्षीय पिता मोहम्मद रफीक घायल हो गए।
श्रीनगर की सभी मुख्य सड़कों से बर्फ हटाई
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में पांच दिन बाद बुधवार सुबह 11.30 बजे बर्फबारी रुकी। बर्फ हटाने के साथ मुख्य मार्ग खोले गए हैं, लेकिन शहर की गलियों और अन्य संपर्क मार्ग बंद हैं। उधमपुर, रामबन और बनिहाल के बीच समरोली, मगरकोट, पंथियाल, मरोग, कैफेटेरिया मोड़, डलवास और नाशरी में भूस्खलन, मलबा और पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार प्रभावित है।
आज शुरू हो सकती हैं उड़ानें
बुधवार को लगातार चौथे दिन श्रीनगर के लिए विमान सेवा प्रभावित रही। श्रीनगर में एयरपोर्ट रनवे पर कम दृश्यता के कारण विमानों का संचालन नहीं हो सका। जम्मू से श्रीनगर जाने वाली आधा दर्जन के करीब उड़ानें रद्द रहीं। हालांकि श्रीनगर एयरपोर्ट के रन-वे पर बर्फ हटाए जाने के बाद वीरवार दोपहर बाद उड़ाने शुरू होने की संभावना है। ब्यूरो
हाईवे पर आज भी नहीं चलेंगे वाहन
यातायात पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एडवायजरी में कहा गया है कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर वीरवार को भी वाहन नहीं चलेंगे। जबकि राजोरी-पुंछ से दक्षिण कश्मीर को जोड़ने वाला मुगल रोड पहले से ही बंद है। ब्यूरो
पर्यटकों को होटल में ही रखने के निर्देश
जिला प्रशासन ने स्थानीय सभी होटलों को निर्देश दिए हैं कि वह पर्यटकों के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मौसम ठीक होने तक उन्हें अपने यहां रखें। उपायुक्त डॉ. जीएन इटू ने बताया कि सीईओ गुलमर्ग विकास प्राधिकरण और सहायक निदेशक पर्यटन गुलमर्ग को इस बारे में पर्याप्त व्यवस्था करने और हेल्प डेस्क स्थापित करने को कहा गया है।
चौदह तक मौसम साफ रहेगा
बुधवार दोपहर बाद मौसम धीरे-धीरे साफ हो रहा है। अब 14 जनवरी तक मौसम साफ रहेगा।
-सोनम लोटस, निदेशक मौसम विभाग, श्रीनगर