गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दच्छन क्षेत्र के टंडर गांव निवासी तारिक अहमद गिनू और मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है। इनमें तारिक अहमद गिनू वन विभाग में सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्यरत बताया गया है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों पर स्थानीय आतंकियों को सहायता देने और उनकी गतिविधियों को सुगम बनाने में मदद करने का आरोप है। इससे पहले इसी मामले में छात्रू क्षेत्र के दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा भी बरामद किया है। बरामद सामग्री में 16 कारतूस, 47 खाली खोखे और 2 हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। पुलिस इन हथियारों की आपूर्ति और उपयोग को लेकर आगे की जांच कर रही है।
किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह ने बताया कि विस्तृत जांच के आधार पर यह गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।