कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों की धमकियों के बीच पंचायत और निकाय चुनाव की सुरक्षा पुख्ता करने पर मंथन शुरू हो गया है। एक तरफ राज्यपाल ने जहां पुलिस और अन्य एजेंसियों से मिलकर सुरक्षा की रणनीति पर काम शुरू किया है। दूसरी तरफ श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर बाहर से आए सुरक्षा बल भी चुनाव की तैयारियां में जुट गए हैं।
यात्रा के लिए केंद्र से 80 कंपनियां आई थीं। सूत्रों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा के खत्म होने के बाद इन कंपनियों को वापस नहीं भेजा गया है। इन्हें रोक लिया गया है। जिनको चुनाव की सुरक्षा में लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए 20 हजार सुरक्षाकर्मी केंद्र से बुलाए गए थे। उक्त सुरक्षा बल और राज्य पुलिस मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को संभालेंगी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि कश्मीर के अति संवेदनशील इलाकों में इन कर्मियों की धीरे-धीरे तैनाती शुरू कर दी गई है। ताकि चुनाव के वक्त सुरक्षा पुख्ता करने में कोई परेशानी न हो। आतंकियों ने पिछले चुनाव में भी माहौल खराब किया था। अनंतनाग सीट पर लोकसभा के उप चुनाव के दौरान भी हिंसा हुई थी। इसे देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को चुनाव में लगाया जाएगा। ताकि चुनाव के वक्त कोई खलल न पड़ सके।