लद्दाख में कारगिल जिले के जंस्कार क्षेत्र में अपनी संपत्ति और जमीन बेचकर सड़क बनाने वाले सुलट्रिम चोंजोर को पद्मश्री सम्मान मिला है। 72वें गणतंत्र दिवस पर कारगिल से पहले पद्मश्री बने चोंजोर चाहते हैं कि जंस्कार के तमाम इलाकों को सड़क संपर्क दिया जाए। 79 वर्षीय चोंजोर ने अपनी संपत्ति बेचकर 57 लाख रुपये की मशीनरी खरीदी।
इस मशीनरी से उन्होंने जम्मू-कश्मीर के रामजक से जंस्कार के करग्याक तक 38 किलोमीटर लंबी सड़क बनवाई थी। लद्दाख के स्टोंगडे गांव के रहने वाले चोंजोर ने कहा कि उन्होंने लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सड़क की परियोजना अपने हाथ में ली थी।
हिमाचल और अन्य इलाकों की तरफ जाने के लिए स्थानीय लोगों को कई दिन पैदल चलने के बाद वाहनों में भारी भरकम राशि देनी पड़ती थी। चाेंजोर ने कहा कि पद्मश्री सम्मान ठीक है लेकिन उनके लिए असली सम्मान तब होगा जब सभी इलाकों को सड़क संपर्क की सुविधा मिलेगी।
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