केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में भ्रष्टाचार की शिकायतों का ग्राफ बढ़ गया है। ब्यूरो तक आम लोगों की पहुंच आसान होने के साथ विश्वास भी बढ़ा है। यूटी बनने के बाद से ब्यूरो के पास 5 से 6 हजार शिकायतें पहुंची हैं। इनमें अधिकतर सतर्क नागरिक एप्लीकेशन के माध्यम से आई हैं, जबकि यूटी बनने से पहले हर साल 1500 से 2 हजार शिकायतें आती थीं। जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क एवं पीडब्ल्यूडी, उपभोक्ता मामले एवं जन वितरण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर निकाय विभाग की हैं।
कई सरकारी अफसरों के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी गई है। इनमें से कई के खिलाफ गुप्त जांच भी चल रही है। छापेमारी भी की जा रही है। कश्मीर की तुलना में जम्मू में एसीबी ने कार्रवाई कड़ी की है। वर्ष 2021 में पहले तीन महीने में कश्मीर संभाग में 3 एफआईआर और जम्मू संभाग में 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
दो महीने में ही 150 से ज्यादा शिकायतें
एसीबी ने इसी वर्ष जनवरी में सतर्क नागरिक एप्लीकेशन लांच की है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से लोग किसी भी सरकारी विभाग के कर्मियों और अफसरों के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए विशेष स्टाफ नियुक्त किया गया है। शिकायत सीधे निदेशक के पास जाती है। पहले दो महीने में ही इस एप्लीकेशन में 150 से ज्यादा शिकायतें एसीबी के पास भ्रष्टाचार को लेकर आई हैं।
सभी शिकायतों पर कार्रवाई कर रहे
सतर्क नागरिक एप्लीकेशन काफी प्रभावी साबित हो रही है। इसमें अफसरों और कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर 150 से ज्यादा शिकायतें आई हैं। इन सभी शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीबी ने कई अन्य तरीकों से भी लोगों की एसीबी तक पहुंचने की राह आसान की है।
-आनंद जैन, निदेशक, एसीबी
यह भी पढ़ें- शहीदों को श्रद्धांजलि: श्रीनगर हमले में आईजी ने किया बड़ा खुलासा, लोगों से ये अपील भी की
सीबीआई की तरह प्रशिक्षण
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपनी जांच को रफ्तार देने के लिए सीबीआई का तरीका अपनाया है। एसीबी के कर्मियों और जांच अफसरों को सीबीआई जैसा प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
अब शिकायत के लिए जम्मू आने की आवश्यकता नहीं
एसीबी ने उधमपुर, राजोरी, पुंछ, अनंतनाग आदि समेत आठ नए एसीबी थाने बनाए हैं। इस समय श्रीनगर और जम्मू को छोड़कर बाकी के जिलों से आने वाले लोगों को शिकायत लेकर जम्मू कार्यालय आना पड़ता था। अब नए थाने बनने से सभी जिलों के लोग अपने क्षेत्र में बैठने वाले एसपी के पास जा सकेंगे।