जेकेएलएफ के संस्थापक सदस्यों में से एक अमानुल्लाह खान के निधन पर घाटी के अलगाववादी नेताओं द्वारा शोक जताया गया है। हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने अपने शोक संदेश में कहा है कि अमानुल्लाह कश्मीर के लोगों को दुख और मुसीबतों से बाहर लाना चाहते थे। जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक ने कहा है कि अमान साहब के निधन से हमारे इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बंद हो गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि अमानुल्लाह खान को मंगलवार दोपहर दो बजे लाल चौक में श्रद्धांजलि दी जाएगी। अमानुल्लाह खान की बेटी और सज्जाद लोन की पत्नी आसमां बीमार पिता की तबियत पूछने पिछले सप्ताह की पाकिस्तान गईं थीं। वो अब भी वहीं हैं।
माना जा रहा है कि आसमां के पति पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन एवं पीडीपी-भाजपा सरकार में मंत्री सज्जाद लोन अपने ससुर को सुपुर्द- ए-खाक किए जाने के दौरान शामिल नहीं होंगे। जेकेएलएफ के प्रवक्ता के मुताबिक अमानुल्लाह खान को गिलगित के अस्तोर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
हुर्रियत कांफ्रेंस (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने कहा है कि अमानुल्लाह खान के निधन से एक ऐसी जगह खाली हो गई है जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक डॉ. फारूक अब्दुल्ला और कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी अमानुल्लाह खान के निधन पर शोक जताया है।
हुर्रियत काफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के महासचिव शब्बीर अहमद ने भी अमानुल्लाह खान के निधन पर शोक जताया है। उल्लेखनीय है कि अमानुल्लाह खान ने 1977 में जम्मू-कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट की स्थापना की थी। पर 80 के दशक में आतंकी संगठनों द्वारा कश्मीर में अपना वर्चस्व स्थापित किए जाने के बाद अमानुल्लाह खान पृष्ठभूमि में चले गए थे।