शहीद हेड कांस्टेबल को दी गई श्रद्धांजलि
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घाटी के पंथा चौक के पास आतंकी हमले में शहीद कृष्ण चंद के पार्थिव शरीर का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के अलावा प्रशासनिक, पुलिस व सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के बाद हेड कांस्टेबल के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ।
शनिवार को जब उनके बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी तो सबकी आंखें नम हो गई। इस दौरान शहीद हेड कांस्टेबल के बेटे ने कहा कि वह पुलिस फोर्स में भर्ती होकर पिता की मौत का बदला लेना चाहता है। पिता की शहादत पर गर्व जताते हुए उसने कहा कि आतंकियों के खात्मे के लिए सबको एकजुट होना पड़ेगा। इसके लिए युवाओं को देश सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए।
तिरंगे झंडे में लिपटे हेड कांस्टेबल कृष्ण चंद के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद सुबह ग्यारह बजे जिला पुलिस लाइन में लाया गया। जैसे ही शहीद का शव पुलिस लाइन पहुंचा तो पुलिस के आला अधिकारियों ने कंधा देकर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ रखा। इसके बाद श्रद्धांजलि दी गई। गौरतलब है कि शुक्रवार को श्रीनगर के पंथा चौक पर आतंकी हमले में हेड कांस्टेबल कृष्ण चंद शहीद हुए थे।
शहीद की कुर्बानी जाया नहीं जाएगी : उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह
जवान के पर्थिव शरीर को कधां देते डिप्टी सीएम
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उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने जिला पुलिस लाइन में आयोजित शहीद हेड कांस्टेबल के श्रद्धांजलि समारोह के दौरान पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बीते दिनों पुलिस और सेना के कई जवान आतंकी हमले में शहीद हुए हैं, लेकिन सैकड़ों की संख्या में आतंकियों को भी मौत के घाट उतारा गया है।
क्या इस्लाम की राह पर चल रहे आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है... के सवाल पर सिंह ने कहा कि इस्लाम यह नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति, भाईचारा और देशभक्ति का प्रतीक है न कि आजादी के नाम पर मासूमों को मौत के घाट उतारना।
उन्होंने कहा कि रियासत की पुलिस ने घाटी में शांति कायम रखने के लिए लगातार प्रयासरत रही है। ऐसे में कई वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उनकी कुर्बानियों को यूं ही नहीं जाया जाने दिया जाएगा। घाटी में शांति कायम रखने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी।