प्रदेश सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच लगातार गतिरोध बढ़ता जा रहा है। पिछले छह महीने में प्रदेश के ट्रांसपोर्टर तीसरी बार हड़ताल के रास्ते पर जा रहे हैं। ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन ने छह जनवरी यानी आज प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। कोविड के बाद शुरू हुई सार्वजनिक परिवहन सेवा के छह महीने में तीसरी बार ट्रांसपोर्टर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। आज शहर सहित प्रदेश में बसें, ऑटो, टैक्सी, मेटाडोर पूरी तरह बंद रहेंगे।
ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्टर वेल्फेयर एसोसिएशन के बैनर तले आधा दर्जन संगठनों ने सरकार के खिलाफ हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इसमें ट्रक, ऑटो, टैक्सी, मेटाडोर, टैंकर शामिल हैं। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के सामने यात्री किराये में वृद्धि, टोकन टैक्स कम करना, अड्डा फीस से मुक्ति सहित विभिन्न मांगें रखी हैं।
ट्रांसपोर्ट वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएस वजीर ने कहा कि 2018 में सरकार ने यात्री किराये में वृद्धि की थी, तब डीजल 65 रुपये लीटर था, आज लगभग तीन वर्षों के बाद तेल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन यात्री किराये में वृद्धि नहीं हुई है। कोविड के समय में सरकार ने तीस प्रतिशत यात्री किराया बढ़ाया, लेकिन बिना ट्रांसपोर्टरों को विश्वास लिया उसे वापस लिया। ट्रांसपोर्टरों पर दोहरा कानून लगाया जा रहा है, केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद प्रदेश में ट्रांसपोर्टरों से समय पर टोकन टैक्स और अन्य फीस नहीं भरने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।
हमेशा सरकार के साथ खड़े रहे हैं ट्रांसपोर्टर
सीमा पर सुरक्षाबलों को पहुंचाना हो या खाद्य और पेट्रोलियम पदार्थ की आपूर्ति को सुनिश्चित करना हो, प्रदेश के ट्रांसपोर्टर हमेशा सरकार के साथ खड़े रहे हैं। मुश्किल हालातों में ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के साथ बिना स्वार्थ के काम किया है। अब जब ट्रांसपोर्टर अपना हक मांग रहे हैं तो सरकार हमारी अनदेखी कर रही है।
शहर में आज नहीं चलेगी मेटाडोर
जम्मू शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेटाडोर आज किसी भी रूट पर नहीं चलेगी। मेटाडोर नहीं चलने से आम लोगों को काफी परेशानी होगी। हालांकि, शहर में जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्टर कारपोरेशन की बसें चलेंगी। जेकेआरटीसी ने ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल को देखते हुए अतिरिक्त बसों का इंतजाम रखा है। इसमें शहर में चलने वाली 20 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।