जम्मू। प्रदेश परिवहन विभाग वाहनों से जुड़े अधिकांश कार्य ऑनलाइन कर रहा है। आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में लोगों भीड़ कम करने के लिए लाइसेंस, आरसी, टोकन सहित अन्य कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। लेकिन कामर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच अभी भी मेनुअली ही हो रही है। फिटनेस स्थल पर न तो उचित मशीनरी है और न ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे जाहिर है कि अनफिट वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट दिए जा रहा हैं, ऐसे वाहन कई सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं।
जम्मू के नरवाल में एक स्थान पर कामर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच की जाती है। इस मैदान पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होना और मैनुअली वाहनों की जांच से अनफिट वाहनों को भी प्रमाणपत्र मिल जा रहे हैं। ऐसे वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। वाहन निरीक्षक मिलीभगत के कारण वाहनों की जांच केवल नाममात्र ही कर रहे हैं। मैनुअली निरीक्षण होने के कारण वाहन की मशीनरी की पर्याप्त जांच नहीं हो पा रही। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेट सेंटर सांबा में तैयार हो रहा है, जिसमें वाहनों की फिटनेस जांच मानव रहित होगी। इसमें आधुनिक मशीनरी की मदद से वाहनों को चेक किया जाएगी। इसके बाद ही उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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कई वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें दो महीने से अधिक समय से फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला। बार-बार एआरटीओ दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार कार्यालय में दो दर्जन से अधिक मामले अटके हुए हैं। दिसंबर में वाहनों की फिटनेस जांच के बाद कई चालकों को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
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कई मामलों में टोकन टैक्स, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, परमिट आदि की पेंडेंसी चल रही है, जिस कारण इन वाहन चालकों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाया है। सभी वाहनों की फिटनेस जांच कर ही प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।
- ईशा चिब, एआरटीओ, बीओआई पैसेंजर, जम्मू
हालांकि आरअटीओ बीओई पैसेंजर ईशा चिब ने कहा कि