राज्य परिवहन निगम अपने नये वाहनों को खरीद के लिए अपने संसाधनों का इस्तेमाल करेगा। इसके लिए कंडम वाहनों को बेचा जाएगा। निगम के पास जमा राजस्व का भी उपयोग होगा। परिवहन मंत्री की ओर से भी इसे लेकर निगम को हिदायतें जारी हो चुकी हैं और अब निगम इसकी नीलामी करने में जुटा है।
निगम के पास आने वाले वाहनों के चलने की अवधि 15 साल तक निर्धारित होती है। इसके बाद इन्हें नीलाम कर दिया जाता है। मौजूदा समय में निगम के पास 400 के करीब वाहन हैं, जो राजस्व जुटाने में नाकाफी हैं। 150 वाहन रिपेयर के अभाव में बंद भी पड़े हुए हैं।
इससे भी निगम को हर वर्ष करोड़ों का घाटा हो रहा है। निगम की हालत पतली होती जा रही है। जो निगम के बोर्ड आफ डायरेक्टर के लिए चिंता का सबब बनती जा रही है। एक दशक पहले निगम के पास 1600 वाहनों को फ्लीट था, जो मौजूदा समय में 400 वाहनों का रहा गया है, इसमें 200 बसें शामिल हैं।
150 कंडम वाहन बेचने की तैयारी
निगम के पास 150 कंडम वाहन और अवधि समाप्त हो चुके वाहन हैं। निगम इनको बेचने की तैयारी कर रही है। इससे निगम को करीब 20 करोड़ की कमाई होने की संभावना है।
अब तक 60 करोड़ रुपये जमा हुए
निगम ने पिछले एक दशक में तीन से चार बार वाहनों का नीलामी की है। करीब 300 वाहनों को नीलाम किया गया है। इससे 60 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ है, जो निगम के खाते में पड़ा हुआ है।
निगम ने कुछ नई बसें खरीदने की योजना बनाई है। कुछ पैसा निगम के पास पड़ा हुआ है और कुछ संसाधनों का इस्तेमाल कर एकत्र किया जाएगा। कंडम वाहन बेचे जाएंगे और नई बसें खरीदी जाएंगी।
जे एस टंडन, एमडी, एसआरटीसी