- पुराने शहर में गलत दिशा से आ रहे वाहन बिगाड़ रहे यातायात व्यवस्था
- वन-वे ट्रैफिक रूटों पर यातायात नियमों का हो रहा उल्लंघन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। त्योहारी सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। बाजारों में वाहनों का लोड बढ़ने से जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। पुराने शहर के विभिन्न रूटों पर गलत दिशा से आ रहे वाहन यातायात व्यवस्था और बिगाड़ रहे हैं। खासतौर पर जहां-तहां से ई-रिक्शा की भरमार ने चिंता बढ़ा दी है।
शहर में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई रूटों पर वन-वे ट्रैफिक किया गया है लेकिन इन रूटों पर विशेष तौर पर ई-रिक्शा यातायात नियमों का उल्लंघन कर गलत दिशा से भीतर आ रहे हैं। इससे अधिकतर रूटों पर जाम लग रहा है। शहर के चौक चबूतरा से जैन बाजार की तरफ वन-वे है लेकिन दिनभर यहां से गलत दिशा से ई-रिक्शा की एंट्री हो रही है। लिंक रोड से पुरानी मंडी की तरफ दुकानदारों द्वारा वन-वे ट्रैफिक की मांग की जाती रही है। बाजार संकरे होने के कारण गलत दिशा से आ रहे ई-रिक्शा व अन्य वाहन दिनभर जाम लगा रहे हैं। हालांकि त्योहारी सीजन को देखते हुए सिटी चौक से पुरानी मंडी की तरफ चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है लेकिन परेड से पुरानी मंडी की तरफ वन-वे ट्रैफिक के बावजूद ई-रिक्शा और दूसरे वाहन गलत दिशा से भीतर आ रहे हैं। शहर के ऐतिहासिक रघुनाथ बाजार से आगे सिटी चौक, पुरानी मंडी, कनक मंडी, राज तिलक रोड, लिंक रोड, मोती बाजार, पक्का डंगा, परेड में दिनभर जाम लग रहा है। बिक्रम चौक से ज्वेल और कैनाल मार्ग तक भी यही हालत है। वाहन रेंग-रेंगकर आगे बढ़ रहे हैं। बिक्रम चौक से फ्लाईओवर पर भी जाम बढ़ा है। इससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए 10 मिनट के बजाय एक घंटे का समय लग रहा है।
व्यवस्थित ढंग से निर्धारित रूटों
पर ई-रिक्शा का संचालन हो
ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन करण सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा के लिए 85 रूट तय किए थे लेकिन उन पर अभी पालन नहीं किया जा रहा है। शहर में ही दस हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। ई-रिक्शा की समस्या के लिए मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया गया है। ई-रिक्शा का व्यवस्थित ढंग से निर्धारित रूटों पर संचालन होना चाहिए।
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जाम में फंसकर बढ़ रहा गुस्सा और तनाव
शहरवासियों की दिनचर्या की शुरुआत आजकल जाम से हो रही है। लोग अपने कार्यों के लिए जैसे ही वाहन लेकर सड़क पर आते हैं तो उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जाम में फंसे रहने के कारण उनका गुस्सा भी सातवें आसमान पर रहता है। इससे सामाजिक स्तर पर चिड़चिड़ापन और तनाव हावी हो रहा है। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डाॅ. जगदीश थापा का कहना है कि जाम में मानसिक तौर पर व्यक्ति का परेशान होना लाजमी है। ऐसे में घर से ही एक योजना के तहत सफर पर निकलना चाहिए। जाम में फंसने पर खुद को शांत रखने के लिए उपाय अपनाएं।
शहर में कई शोरूम के बाहर अवैध पार्किंग
पुराने शहर के कई बाजारों में शोरूमों और बड़े प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध पार्किंग बढ़ी है। यही नहीं कई दुकानों के बाहर चैन लगाकर आगे अवैध पार्किंग करवाई जा रही है जिससे मार्ग और संकरे हो गए हैं। इससे जाम की समस्या बढ़ रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसी अवैध पार्किंग की जा रही है।