जम्मू शहर में जाम की हालत बहुत ज्यादा दयनीय होती जा रही है। बीसी रोड पर वाहनों के जाम लगने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। वहां पर अधिकतर बसें, निजी वाहन बेतरतीब खड़े देखे जा सकते हैं, जिस कारण आम लोगों को वहां से गुजरने में खासी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। बस आपरेटर हाईकोर्ट के निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे हैं, जिस पर ट्रैफिक पुलिस बेबस बनी हुई है।
हालांकि हाईकोर्ट ने निर्देश भी जारी किए हैं कि बीसी रोड को वाहनों के जाम से खाली करवाया जाए, लेकिन ट्रैफिक पुलिस इस मामले में पूरी तरह से नाकाम है। पिछले दो साल से बीसी रोड खाली करवाने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन बस आपरेटरों और ट्रेवल एजेंटों के दबाव में प्रशासन कोई भी कदम उठाने के लिए प्रयासरत नहीं है। दिन के समय टू बाई टू बसों के कारण जहां जाम लगता है, वहीं रात में स्लीपर कोच बसें सड़कों पर कब्जा किए होती हैं।
जनरल बस स्टैंड के अंदर भी बसों का बुरा हाल है। अधिकतर बसें जहां चलने के समय से कई घंटों तक पहले ही खड़ी हो जाती हैं, वहीं वर्कशाप भी दिनभर चलती है, जिस कारण मरम्मत वाली बसों को भी कई दिन तक वहीं पर खड़े रखा जाता है। बस स्टैंड के इन गेट पर उन्हीं बसों को आने देने की हिदायतें थीं, जिनका टाइम होता था, लेकिन पुलिस की मिलीभगत से बसें कई-कई घंटे पहले ही प्रवेश करवा दी जाती हैं।
बीसी रोड पर अगर कभी कोई एंबुलेंस फंस जाए तो उसके लिए भी एक किलोमीटर का रास्ता आसानी से पार कर लेना काफी मुश्किल होता है।