अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को कम दूरी की यात्रा करने, शहर के आध्यात्मिक व सांस्कृतिक केंद्रों तक आसान पहुंच और स्वस्थ जीवनशैली को गति देने के लिए किराये पर साइकिल देने की योजना शुरू की गई थी। 120 स्टैंड बनाकर साइकिलें खड़ी की गईं। मोबाइल एप से इनकी बुकिंग की सुविधा है। दंभ भरा गया कि साइकिल ट्रैक बनवाया जाएगा लेकिन वर्ष 2022 में शुरू हुई यह महत्वाकांक्षी योजना दम तोड़ रही है।साइकिल स्टैंड पर खड़ी-खड़ी कबाड़ हो रही हैं।
जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड की इस साइकिल योजना को इस शुरुआत में तो सराहा मिली बाद में यह धराशायी हो गई। कबाड़ हो रहीं साइकिलों की तरफ विभाग का कहीं कोई ध्यान नहीं नजर आता।
साइकिल शेयरिंग रणनीति की योजना का मुख्य उद्देश्य था कि लोग एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए साइकिल का प्रयोग करें। इससे न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा, वहीं लोग स्वस्थ रहेंगे। दैनिक जीवन में साइकिल चलाने से बच रहे लोग इस योजना का लाभ उठाएंगे।
योजना को लेकर वर्ष 2022 के शुरुआती दिनों में तो लोगों का उत्साह दिखाई दिया। बाद में साइकिल शेयरिंग को लेकर कुप्रबंधन, उचित देखभाल न होने के कारण धीरे-धीरे लोगों में साइकिल चलाने के प्रति रुचि खत्म होती गई। वर्तमान में हालत यह है कि बनाए गए केंद्रों यानी स्टैंड पर यह साइकिलें खराब हो रही हैं। इन साइकिलों में 720 मैकेनिकल व 80 इलेक्ट्रिक साइकिलें हैं।
कई केंद्रों पर साइकिलों की संख्या पूरी नहीं, हो चुकीं गायब
विभाग की तरफ से उचित देखभाल न होने, जानकारी समय पर न रखने का हश्र यह हुआ कि कई स्टैंडों पर साइकिलों की संख्या कम हो गई है। कुछ केंद्रों पर कई साइकिलें कबाड़ हो चुकी हैं, कई साइकिलों की चोरी भी हो चुकी है। लाखों रुपये के इस प्रोजेक्ट की तरफ अब विभागीय अधिकारी न तो ध्यान दे रहे हैं और न ही इसको बेहतर करने की कोई रणनीति ही सामने आ सकी है।
शहर में बनाए जाने थे साइकिल ट्रैक
इन साइकिलों को बेहतर तरीके से चलाने के लिए शहर भर में साइकिल ट्रैक का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था। योजना के संचालित होने के बाद से अब तक इस दिशा में जम्मू स्मार्ट सिटी की तरफ से कोई पहल शुरू नहीं की गई। इससे यह योजना खटाई में पड़ चुकी है। साइकिल स्टैंड पर खड़ीं यह साइकिलें अब पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। किसी में टायर है तो हवा नहीं और किसी की ब्रेक खराब हैं। ऐसे में इनको कौन चलाने के लिए ले जाएगा।
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यहां भी हैं साइकिल केंद्र
बिक्रम चौक, तवी का चौथा पुल, गुर्जर नगर, छन्नी हिम्मत, गोल मार्केट, जम्मू विश्वविद्यालय के गेट पर साइकिल सेंटर्स बनाए गए हैं। इन सभी जगहों पर साइकिलें शोपीस बनकर खड़ी हैं। शायद ही कोई इनका प्रयोग करता दिखाई देता हो। अन्य केंद्रों पर खड़ी साइकिलों का भी यही हाल है।
शहर में साइकिल ट्रैक बनाए जाने के लिए उचित जगह की जरूरत है। ट्रैक के लिए जमीन न मिलने के कारण इसे बनाया नहीं जा सका। कम से कम तीन किलोमीटर के ट्रैक के लिए जमीन खोज रहे हैं। इसे अलग से बनाया जाएगा। जहां पर लोग साइकिलिंग कर सकेंगे।
-डा. देवांश यादव, सीईओ, जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड