पहलगाम हमले के बाद गुलमर्ग में पर्यटकों की भीड़
- फोटो : Saqib Nabi
गुलमर्ग में गंडोला की टिकट बुकिंग जोरों पर, दो दिन में 9,683 पर्यटक
कश्मीर के पर्यटन निदेशक राजा याकूब ने बताया कि वर्तमान में श्रीनगर में 1,500 से अधिक पर्यटक मौजूद हैं। बुधवार को गुलमर्ग में 5,000 और गुरुवार को 4,683 पर्यटकों ने गंडोला की सवारी के लिए टिकट बुक कराए।
इस बीच, मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के पर्यटन स्थल सोनमर्ग में रौनक कम हुई है। एक स्थानीय गाइड बशीर अहमद ने बताया, अभी वही पर्यटक आ रहे हैं, जिनकी बुकिंग पहले से थी या जो पहले से कश्मीर में थे। पर्यटकों के आवागमन में 50% तक गिरावट आई है।
सोनमर्ग के एक होटल मालिक शफीक अहमद ने बताया कि उनके 20 कमरों वाले होटल में अभी सिर्फ 8 कमरे भरे हुए हैं। पिछले दिन 15 बुकिंग में से 9 रद्द हो गईं। मई महीने की सभी बुकिंग भी रद्द हो चुकी हैं। एक प्रसिद्ध टूर ऑपरेटर गुलाम मुस्तफा ने भी इसकी पुष्टि की।
पहलगाम हमले के बाद गुलमर्ग में पर्यटकों की भीड़
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स्थानीय लोगों का सहयोग
पर्यटकों ने सराहना कीगुलमर्ग से लौटे कोलकाता के पर्यटक देबाशीष ने कहा, "मैंने कभी किसी पर्यटन स्थल पर इतना ख्याल नहीं देखा। स्थानीय लोग लगातार पूछ रहे हैं कि क्या हमें कुछ चाहिए।" एक अन्य पर्यटक शालिनी ने कहा, "पहलगाम हमले ने सभी को झकझोर दिया, लेकिन स्थानीय लोगों के समर्थन से हम खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पहलगाम हमले के बाद गुलमर्ग में पर्यटकों की भीड़
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वैष्णो देवी यात्रा
थोड़ी कमी, सुरक्षा बढ़ाई गईकटड़ा। पहलगाम हमले का असर श्री माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा है। इस सीजन में रोजाना औसतन 30-35 हजार तीर्थयात्री आते थे, जो अब घटकर 20 हजार रह गए हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और गिर सकती है।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग ने कहा, श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है, लेकिन आतंकी हमले का असर हुआ है। यात्रियों की संख्या में कुछ प्रतिशत की कमी आई है।
पहलगाम हमले के बाद गुलमर्ग में पर्यटकों की भीड़
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होटल उद्योग को बड़ा झटका, कटड़ा में 45% तक बुकिंग रद्द
होटल उद्योग को झटकाहोटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन कटड़ा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र केसर ने बताया कि 40-45% श्रद्धालुओं ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है। होटल व्यवसायी राज कुमार शर्मा, करण सिंह, मनजीत सिंह, सोहन लाल और रंजीत कुमार ने बताया कि अगले महीने की बुकिंग भी लगातार रद्द हो रही है। इससे घोड़े वाले, पिट्ठू, रेहड़ी-पटरी वाले और स्थानीय दुकानदार चिंतित हैं।
कटड़ा के छोटे व्यापारियों का कहना है कि मई-जून साल के सबसे अधिक कमाई वाले महीने होते हैं, लेकिन अभी बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं है। श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की संयुक्त बैठकें हो रही हैं ताकि यात्रियों को पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
जम्मू संभाग के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप
- फोटो : अमर उजाला
पटनीटॉप, नाथाटॉप और सन्नासर में सैलानियों की कमी, पर्यटन व्यवसाय पर असर
पटनीटॉप, नाथाटॉप, सन्नासर में भी कम हुई रौनकचिनाइनी। पहलगाम हमले के बाद पर्यटन स्थल पटनीटॉप, नाथाटॉप और सन्नासर में पर्यटकों की संख्या कम हो गई है। पटनीटॉप में सामान्य से 50-70% तक सैलानियों की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे होटल और स्थानीय व्यापार प्रभावित हुए हैं।
पटनीटॉप के होटल प्रबंधक रंगील सिंह और राजेश ठाकुर ने बताया कि केवल वही पर्यटक आ रहे हैं जो पहले से यात्रा पर निकले थे। स्थानीय सैलानियों की संख्या भी कम हुई है। फोटोग्राफर यूनियन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने कहा, सैलानियों की कमी से हमारा व्यवसाय ठप पड़ गया है। टैक्सी यूनियन के प्रधान प्रकाश चंद ने बताया कि बुकिंग लगभग बंद हो गई है। एसडीएम डॉ. रणजीत सिंह कोतवाल ने कहा, "पटनीटॉप में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है और पार्कों में सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
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