एक और राज्य सरकार आरएस पुरा सैक्टर में अतंरराष्ट्रीया सीमापर सात करोड रूपये खर्च कर सुचेतगढ को वाघा बोर्डर की तर्ज पर पर्यटक स्थल बनाए जाने की योजना बनाई गई है।
दूसरी और आज भी पाकिस्तान द्वारा गोलाबारी की दहशत होने की आशंका के मध्या बर्ष के अंतिम दिन यहा पुहचे पर्र्यटक आकट्राया पोस्ट के आगे जीरो लाईन तक पर्यटको के देखने के लिए दो दिनो तक सीमा सुरक्षाबलो द्वारा सुरक्षा को लेकर देखने के लिऐ आगे नही जाने दिया गया जिससे यहा पर पुहचे पर्यटको को निराश होना पड़ा।
हालाकि सीमा सुरक्षाबलो द्वारा यहा पहुचे पर्यटको को आकट्राया पोस्ट तक जाने दिया गया और जिस स्थान पर पीपल का वृक्ष जीरो लाईन के पीलर में लगा होने व जीरो लाईन पर पाकिस्तान रेर्जंस व सीमा सुरक्षबल अपने- अपने क्षेत्र में फलैग मीट करते है वह भी पास जाकर पर्यटक नही देख पाऐ जिससे इतनी दूरी से आनेपर अधिकत पर्यटको को निराश होना पड़ा।
केरला से यहा आऐ पर्यटको जार्ज कूटी, रंजन नैयर, हितेश नंदन का कहना है कि कशमीर में घुमने के लिए आनेपर माता बैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद शाम को ट्रेन थी और खाली समय होने पर आने का कार्यक्रम बनाकर बोर्डर देखने आऐ थे।
सुरक्षा कारणो के चलते सीमा सुरक्षाबलो द्वारा जीरो लाईऱ्न तक नही जाने दिया गया पर दूर से उक्त स्थान जरूर दिखाया गया। इसी प्रकार दिल्ली से यहा पहुचे पर्यटक विपिन मल्होत्रा, आशैक अग्रवाल व गीता अग्रवाल का कहना है कि हमेशा पाकिस्तान की और से गोलाबारी का भय होने पर देश के लोगो को इस तरह की दिक्कतो का सामना करना पड़ता।
जिस स्थान को वह देखना चाहते थे सुरक्षा कारणो से नही देख पाऐ। उन्होने बताया आकट्राया पोस्ट पर सीमा सुरक्षाबल के अधिकारियो व जबानो ने दूर से बोर्डर दिखाते हुए कहा कि बर्ष 2014 को पाकिस्तान की और 31 दिसबंर को गोलबारी करने पर सुरक्षा कारणो से अव एक जनवरी तक पर्यटको को जीरो लाईन तक ले जाने के लिए सुरक्षा के चलते किया गया है। अधिकारियो का कहना था कि उन्हे तो आदेश का पालन करना होता है और यही सीमापर तैनात होकर कर रहे है।