रियासी। जिले के दूरदराज दुर्गम क्षेत्र में स्थित श्री कौसर नाग की वार्षिक यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के जत्थे ने शुक्रवार को नाग पंचमी पर प्राकृतिक झील में स्नान किया। इसके बाद पूजा-अर्चना की। इस दौरान कौसर नाग का पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
इससे पहले शुक्रवार सुबह को सभी श्रद्धालु रात के समय अंतिम पड़ाव से पैदल चलते हुए कौसर नाग झील पहुंचे। मान्यता है कि इस झील का निर्माण भगवान विष्णु के पैर रखने से हुआ था। इसका उल्लेख श्री विष्णु पुराण में भी मिलता है। यात्रा पर गए सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा सेना, सीआरपीएफ के जवानों ने संभाल रखी है। झील का एक सिरा कश्मीर के जिला शोपियां के साथ लगता है। दोपहर को सभी लोग पैदल सरी पहुंचे, जहां से पैदल ही मलिकोट के लिए निकले। इसके बाद सुंगडी लौटेंगे। संवाद