प्रदेश में पिछले वर्ष 9 मार्च को पहला संक्रमित मामला रिपोर्ट किया गया था, जिसके बाद इस महामारी ने कुछ समय के लिए विकराल रूप धारण किया। उस दौरान प्रतिदिन 2000 तक भी संक्रमित मामले आए और रोजाना 10 से 15 मौतें भी हुईं।
देशव्यापी स्तर पर जम्मू कश्मीर को भी तीन माह तक कड़े लॉकडाउन का सामना करना पड़ा। इससे अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई। पर्यटन सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े लाखों लोग प्रभावित हुए।
कुछ समय पहले जम्मू संभाग के छह जिले कोविड मुक्त होने के कगार पर आ गए थे, इसमें कठुआ, रियासी, किश्तवाड़ जैसे कुछ जिले कई दिनों तक कोविड मुक्त भी रहे। लेकिन अनलॉक का विस्तार होने के साथ प्रदेश में संक्रमित मामलों ने फिर रफ्तार पकड़ी है।