जम्मू। जम्मू संभाग के दस जिला अस्पतालों में तंबाकू निवारण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक/परामर्शदाता पीड़ितों को तंबाकू छोड़ने में मदद करेंगे। संभाग में टीओएफईआई दिशानिर्देशों के तहत राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) का विस्तार किया गया है। गांधीनगर अस्पताल में शुक्रवार को राज्य तंबाकू नियंत्रण सेल, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, जम्मू की ओर से करवाई गई मंडल स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई।
एनटीसीपी के तत्वावधान में वाइटल स्ट्रैटेजीज इंडिया नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से करवाई गई कार्यशाला में स्कूल शिक्षा, पुलिस, उच्च शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, औषधि नियंत्रक, स्वास्थ्य आदि विभागों के अधिकारियों को जम्मू कश्मीर में एनटीसीपी को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को तंबाकू के उपयोग की महामारी विज्ञान और एनटीसीपी के अवलोकन के बारे में बताया गया, जिसमें तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों के दिशानिर्देशों का कार्यान्वयन और सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (सीओटीपीए-2003) और ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए2019) के विभिन्न प्रावधान शामिल हैं। उप निदेशक दंत चिकित्सा डॉ. संजय शर्मा ने तंबाकू नियंत्रण में अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में प्रोत्साहित किया। राज्य परियोजना समन्वय, एनटीसीपी द्वारा सीओटीपीए -2003 और पीईसीए-2019 के प्रावधानों पर एक विस्तृत प्रस्तुति प्रस्तुत दी गई। कार्यशाला में संवाद सत्र में तंबाकू नियंत्रण पर चर्चा की गई।