शहर में स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने के लिए अदालत द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को हाईकोर्ट ने नगर निगम और स्वास्थ्य अफसर को आदेश दिए हैं।
जेएनएफ के अनुसार दीपक कुमार बलोरिया व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका में अदालत से अपील की गई कि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिवादी को आवश्यक सेवा (रख रखाव) के प्रावधानों को लागू करने के लिए कहा जाए।
हाईकोर्ट के जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे और जस्टिस बंसी लाल भट की खंडपीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद उक्त आदेश दिया। साथ ही कहा कि समय-समय पर अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट भी पेश की जाए।
खंडपीठ ने पाया कि सार्वजनिक हित में बनी योजनाओं को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। साथ ही लोग अपने घर के कचड़े को बाहर रखें और निगम के मुलाजिम इस कचड़े को उठाकर ले जाएं। इसके लिए सौ रुपये प्रति माह का शुल्क अनिवार्य किया जाए। क्योंकि इस तरह की योजनाओं को लागू करने के लिए सरकार के पास उतना फंड नहीं है।